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मरीजों के दबाव से कराह रहा जिला अस्पताल

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बुखार के मरीजों से भरा जिला अस्पताल का वार्ड, दबाव बढ़ा
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महराजगंज। जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव नियमित रूप से बढ़ रहा है। एक ओर, 20 बेड के नवजात शिशु देख भाल इकाई में 58 नवजात शिशुओं का इलाज चल रहा है वहीं दूसरी ओर, जेई-एईएस और ईटीसी वार्ड मिलाकर 15 बेड के इस वार्ड में 31 बच्चे भर्ती हैं जिसमें छह तेज बुखार के हैं और 25 अन्य बीमारी से ग्रस्त हैं।
जिला अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक नवाजत शिशु देख भाल इकाई के तीन दिन के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो इस वार्ड में 17 सितंबर को 67, 18 सितंबर को 72 तो 19 सितंबर को 58 बच्चों का इलाज चला। वहीं, जेई- एईएस वार्ड और ईटीसी (इमरजेंसी ट्रीटमेंट सेंटर) को मिलाकर 15 बेड पर 17 सितंबर को 28 मरीज, 18 सितंबर को 31 मरीज तथा 19 सितंबर को भी 31 मरीज भर्ती मिले। इसमें तेज बुखार के छह मरीज शामिल रहे। ऐसे में मरीजों का दिन-प्रतिदिन जिला अस्पताल पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, नवाजत शिशु देखभाल इकाई वार्ड के बाहर गलियारे में तीमारदार उमस और गर्मी से परेशान हैं। यही हाल ईटीसी व जेई -एईएस वार्ड के बाहर के गलियारों का भी है। तीमारदारों ने कहा कि अगर बेड और लगाया जाता तो मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं रहती।
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मौसम के उतार-चढ़ाव ने बढ़ाई समस्या
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि मौसम के उतार -चढ़ाव के कारण मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस समय तेज बुखार, निमोनिया, वायरल फीवर, झटका वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे में परिजन अपने बच्चों को पानी उबाल कर पिलाएं। बच्चे को फूल आस्तीन का कपड़ा पहनाएं। मच्छरदानी का प्रयोग करें। नवजात शिशु को छह माह तक केवल मां का ही दूध पिलाया जाना जरूरी है।
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जिला अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता है। जेई -एईएस और ईटीसी वार्ड में कुल 31 मरीजों का इलाज चल रहा है जिसमें तेज बुखार के कुल छह मरीज हैं। सभी स्टाफ को जरूरी निर्देश दिए गए हैं जिससे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
-डॉ. एके राय, सीएमएस
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