जनपद में संचालित हैं 278 माध्यमिक स्कूल, प्रस्तुतीकरण को बेहतर बनाने पर बोर्ड का फोकस
परीक्षाओं में प्रदर्शन के आधार पर विषय व अध्यायों की कमजोरी को जानेंगे शिक्षक
महराजगंज। यूपी बोर्ड के स्कूलों में मौजूदा शैक्षिक सत्र से विभिन्न विषयों की तैयारी के बेहतर प्रबंध किए जाएंगे। इसके लिए सभी 278 स्कूलों में बोर्ड की तरफ से नवाचार लागू किया जा रहा है। अब विद्यार्थियों की कमियों को पहचान कर उन्हें दूर किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा में अपेक्षित अंक नहीं पाने वाले विद्यार्थियों की कमजोरियां अब परीक्षा से पहले स्कूल स्तर पर चिह्नित कर दूर की जाएंगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की कक्षा परीक्षाओं के प्रदर्शन के आधार पर विषय, अध्याय और प्रश्न स्तर पर कमियां पहचानी जाएंगी। कमजोर विद्यार्थियों का चयन केवल कम अंक के आधार पर नहीं होगा। शिक्षक यह देखेंगे कि विद्यार्थी को किस विषय या अध्याय में लगातार परेशानी हो रही है। इसके बाद जरूरत के अनुसार अतिरिक्त अभ्यास और मार्गदर्शन देंगे।
जीएसवीएस के प्रधानाचार्य धनंजय सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों की समस्याएं अलग-अलग होती हैं। किसी को गणित के विशेष अध्याय तो किसी को विज्ञान के सवाल हल करने में परेशानी होती है। भाषा विषयों में उत्तर लेखन, भाषा और प्रस्तुतीकरण की कमियां भी दूर कराई जाएंगी। बोर्ड से पहले मॉडल पेपर, अभ्यास प्रश्न और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल कराने के साथ निर्धारित समय में पेपर पूरा करने का अभ्यास कराया जाएगा। कमजोर छात्रों की तैयारी की नियमित समीक्षा की जाएगी।
राजकीय माध्यमिक बरवां राजा के प्रधानाध्यापक रामजी प्रसाद ने बताया कि नई व्यवस्था से अतिरिक्त अभ्यास कराने के बाद दोबारा मूल्यांकन कर यह देखा जाएगा कि विद्यार्थी की कमजोरी कितनी दूर हुई है। जिन विषयों में सुधार की जरूरत होगी, उनमें फिर से अभ्यास और मार्गदर्शन दिया जाएगा। स्कूल स्तर की इस कवायद का उद्देश्य बच्चों की कमजोरियों को बोर्ड परीक्षा से काफी पहले पहचान कर दूर करना है, ताकि अंतिम समय में उन पर पढ़ाई का अतिरिक्त दबाव न पड़े।
वर्जन
यूपी बोर्ड सचिव से इस संदर्भ में पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र का अनुपालन प्रत्येक माध्यमिक स्कूल को करना है। इसके लिए निर्देश पत्र जारी किया गया है। बच्चों की तैयारी को बेहतर करने के लिए यह दिशानिर्देश दिए गए हैं।
- आरएन भारती, डीआईओएस महराजगंज