कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े कारोबारी लकड़ी या कोयले पर बनवाएंगे पकवान
14 अप्रैल से शुरू हो रहा है सहालग, अब तक 100 लोगों ने जिला आपूर्ति कार्यालय में किया है आवेदन
महराजगंज। अमेरिका, इस्त्राइल और ईरान के बीच का युद्ध तो लगभग शांत हो गया है लेकिन इसके दुष्प्रभाव की जकड़ से जनपद के लोग बाहर नहीं निकल पाए हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से ही जिले में 40 दिन से रसोई गैस की किल्लत बरकरार है। 14 अप्रैल से सहालग का समय शुरू हो जाएगा। ऐसे में जिन परिवारों में शादी या अन्य मांगलिक आयोजन होने हैं वह रसोई गैस की व्यवस्था करने को लेकर चिंतित हैं। कैटरिंग, मैरिज हाउस व अन्य व्यवसायियों की भी चिंता बढ़ गई है।
सहालग शुरू होते ही जिन घरों में शादियों वह शादी की तैयारियों में व्यस्त होने के साथ ही एक अन्य समस्या से जूझ रहे हैं। गैस सिलिंडर की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण लोग शादी-विवाह या अन्य मांगलिक आयोजनों में खाना पकाने के लिए ईंधन की व्यवस्था में जुटे हैं। हालांकि प्रशासन ने हाल ही में शादी या मांगलिक आयोजनों के लिए अतिरिक्त सुविधा देने की बात कही है। लेकिन प्रशासन की तैयारियां नाकाफी लग रही हैं। अभी तक 100 से अधिक लोगों ने जिला आपूर्ति कार्यालय में आवेदन किया है। लेकिन गैस सिलिंडर की उपलब्धा को लेकर अभी तक तस्वीर साफ नहीं हो सकी है।
महराजगंज निवासी बद्रीधर द्विवेदी ने बताया कि 29 अप्रैल को घर में बेटी की शादी है। 700 मेहमानों के लिए खाना व नाश्ता तैयार करने के लिए हलवाई ने करीब 10 सिलिंडर की मांग की है। इसके लिए आवेदन किया है। प्रशासन अभी स्पष्ट नहीं कर रहा है कि किस आधार पर कितने सिलिंडर दिए जाएंगे। अगर गैस सिलिंडर नहीं मिले तो काफी परेशानी होगी। लकड़ी और कोयले पर खाना बनाना पड़ सकता है।
सेनानी नगर सिसवा निवासी सुग्रीव पुरी गोस्वामी ने बताया कि 20 अप्रैल को बेटी की शादी है। हलवाई ने 8 सिलिंडर मांगा है। लेकिन अभी तक व्यवस्था नहीं हो पाई है। प्रशासन ने जो व्यवस्था बनाई है उससे स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि कब तक और कितने सिलिंडर मिलेंगे। प्रशासन यदि जल्दी स्पष्ट कर देगा तो हम अन्य विकल्पों के बारे में सोचेंगे। लेकिन अभी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।
गैस की किल्लत ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग लकड़ी व कोयला से पकवान बनवाने के लिए तैयारी में जुटे गए हैं। हालांकि जिले के होटल उद्यमियों ने गैस की किल्लत शुरू होने के साथ ही लकड़ी व कोयला का उपयोग करना शुरू कर दिया था। यदि गैस सिलिंडरों का इंतजाम नहीं हुआ तो शादी-विवाह में भी लोगों को यही तरीके अपनाने पड़ेंगे। जिले में संचालित 47 गैस एजेंसियों पर रसोई गैस के उपभोक्ताओं की भीड़ अभी भी लग रही है।
2283 रुपये में मिलेगा काॅमर्शियल सिलिंडर
जिला प्रशासन ने धार्मिक आयोजनों के लिए अब व्यावसायिक सिलिंडरों की अलग से व्यवस्था करने की बात कही है। इसके लिए आयोजकों को एक प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके तहत आवेदक को शादी के कार्ड या कार्यक्रम से संबंधित प्रार्थना पत्र देना होगा। सिलिंडर के लिए आवेदन करने वालों को स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें एक टोकन दिया जाएगा। यह टोकन एजेंसी संचालकों को दिखाकर वहां से गैस लिया जा सकेगा। प्रशासन का दावा है कि लोगों की जरूरतों के अनुसार सिलिंडर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। मां शक्ति एचपी एजेंसी ठूठीबारी के संचालक राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर के लिए 2283 रुपये देने पड़ेंगे।
हलवाई और कैटरर्स की परेशानी बढ़ी
गैस सिलिंडर न मिलने के कारण कैटरिंग व मिठाई व्यवसाय से जुड़े कारोबारी लकड़ी, कोयले और बिजली के उपकरणों का भी रुख कर लिए हैं। मिठाई व्यवसायी महराजगंज निवासी रामसंवारे का कहना है कि लकड़ी और कोयले के इस्तेमाल से न केवल लागत बढ़ गई है, बल्कि समय भी अधिक लग रहा है। बरवा खुर्द निवासी कैंटर्स अमरनाथ मद्धेशिया ने बताया कि खाने का ऑर्डर मिल रहा है लेकिन गैस न मिलने के चलते कई ग्राहकों को मना कर चुका हूं।
वर्जन
16 अप्रैल को घर में तिलक है। भंडारी ने 20 सिलिंडर की मांग की है। जबकि एक सिलिंडर की व्यवस्था हुई है। अगर सिलिंडर नहीं मिलता है तो लकड़ी या कोयला पर भोजन बनवाना पड़ेगा।
-देवेश पटेल, शिवपुर नंदना
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तीन मई को घर में शादी है। भंडारी ने 10 सिलिंडर मांगे हैं। अभी तक गैस सिलिंडर की व्यवस्था नहीं हो पाई है। ऐसे में अभी से चिंता सता रही है कि शादी में खाना और मिठाई कैसे बनेगी।
-आदित्य वर्मा, रमपुरवा
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पैसा देने के बाद भी गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। अगर लगन के दिन गैस सिलिंडर नहीं मिलेगा तो इसके लिए भी खाना बनाने की व्यवस्था बनाई गई है। सिलिंडर न मिलने पर लकड़ी पर खाना बनाया जाएगा।
-विश्वंभर मद्देशिया, मैरिज हॉल संचालक
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गैस सिलिंडर मिलने में काफी परेशानी हो रही है। इसके चलते कई लोगों का ऑर्डर कैंसिल करना पड़ रहा है। इससे काफी नुकसान हो रहा है।
-रमन कुमार, कैटर्स संचालक
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सहालग का समय शुरू होने वाला है। इसको देखते हुए जिनके घर में शादी है उनको कॉमर्शियल सिलिंडर देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए आवेदक को शादी के कार्ड के साथ एक अप्लीकेशन लगाना होगा। इसके बाद एजेंसी से गैस सिलिंडर मिलेगा।
-एपी सिंह, डीएसओ
कार्यालय में नहीं थे डीएसओ...इंतजार करते रहे लोग
महराजगंज। जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर शुक्रवार को कई लोग शादी का कार्ड लेकर इंतजार करते देखे गए। चौक बाजार निवासी बब्बन गुप्ता ने बताया कि 26 अप्रैल को बेटी की शादी है। इसके लिए आवेदन लेकर पहुंचा हूं। सुबह करीब 11.30 बजे से इंतजार कर रहा हूं तीन बजने वाले हैं लेकिन साहब अभी बैठे नहीं हैं। वहीं महराजगंज निवासी फैयाज ने बताया कि 20 अप्रैल को लड़की की शादी है। इसके लिए आवेदन लेकर आया हूं। यहां पता चला कि साहब नहीं हैं। वहीं चेहरी निवासी रामनरायन मौर्य भी कॉमर्शियल सिलिंडर लेने के लिए आवेदन लेकर पहुंचे थे।