महराजगंज/परतावल। क्षेत्र के 50 से अधिक ग्राम सभाओं में मनरेगा योजना के तहत विभाग लाखों रुपये का फर्जी भुगतान करने की तैयारी में है। जिस काम के भुगतान के लिए एमआईएस हो चुका है, वह धरातल पर ही नहीं है।
जिन शहीदों के सच्ची श्रद्धांजलि के लिए प्रत्येक गांव में उनकी याद में दो साल पहले शिलाफलकम (स्मारक पट्टिका) लगाया जाना था वह आज तक नहीं लग सका है। शिलाफलकम बिना लगाए ही प्रत्येक गांव में 18880 रुपये का बिल फीड कर दिया गया है। आजादी के नायकों का योगदान हर किसी की जुबां पर रहे, इसके लिए वर्ष 2023 में मेरी माटी मेरा देश के तहत प्रत्येक गांव में उनके बलिदान व जीवन से जुड़ी स्मृति अंकित शिलाफलकम (स्मारक पट्टिका) की स्थापना होनी थी।
साथ ही उनकी याद में अमृत वाटिका भी बनाया जाना था। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शासन ने वर्ष 2023 में नौ अगस्त से मेरी माटी-मेरा देश व 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम के जरिए लोगों के अंदर देश भक्ति भावना जागृत करने के लिए अभियान चलाया गया था। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग व बलिदान को याद करने के लिए ब्लाॅक के सभी 77 ग्राम पंचायतों में शिलाफलकम (स्मारक पट्टिका) की स्थापना कराई जानी थी।
शिलाफलकम पर वीर शहीदों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम अंकित करने के साथ ही स्मारक पट्टिका पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश लिखना था। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता का आलम यह है कि शहीदों की में लगाए जाने वाला शिलाफलकम ब्लाॅक सभागार में धूल फांक रहा है। आजादी के नायकों के प्रति जब अधिकारी खुद गंभीर नहीं हैं तो आम जनता का क्या हाल होगा।
इस योजना का क्रियान्वयन जिम्मेदार दो साल बाद भी नहीं करा सके। जिम्मेदारों को धरातल पर काम हो या न हो इससे मतलब नहीं है, लेकिन उनके द्वारा भुगतान की तैयारी सब पहले कर ली जाती है। यही वजह है कि बभनौली बुजुर्ग, अन्धया, अमवां, अहिरौली, बैरिया, सोहसा बासपार, महमदा, मलमलिया उर्फ सिरसिया, बनकटिया सहीत लगभग पचास ग्राम पंचायतों में भुगतान के लिए बाउचर फीड कर दिया गया है। एपीओ मनरेगा दिलीप कुमार गौतम ने बताया कि शिलाफलकम ब्लाॅक पर आ गया है। सभी ग्राम प्रधानों को लगवाने का निर्देश दिया गया है।े