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लोगों का इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे
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पनियरा (महराजगंज)। सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं देने के दावे हवा-हवाई सिद्ध हो रहे हैं। पनियरा क्षेत्र के सीएचसी मंसूरगंज में डॉक्टर समय से नहीं मिलते जिससे लोगों को झोला छाप से इलाज कराना पड़ता है। वहीं, मजबूरन अस्पताल में फार्मासिस्ट से भी क्षेत्रीय लोग इलाज कराते हैं। लिहाजा अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से लोगों को परेशानी होती है।
सीएचसी मंसूरगंज में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. बृजेन्द्र यादव, डॉ. रणविजय सिंह, डॉ. अखिलेश यादव, फार्मासिस्ट आनंद द्विवेदी, स्टाफ नर्स आराधना, शोभना, एक महिला सफाई कर्मी के रूप में तैनात हैं। अस्पताल में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। हैंडपंप के पास भी गंदगी है, जिससे मरीज और तीमारदार को परेशानी होती है। खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं।
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क्षेत्र के विक्रम सिंह, संदीप यादव, विकास मौर्या, अमोल मद्धेशिया, जानकी देवी, अमरजीत, दिनेश, बुझारत आदि ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलते हें जिससे झोला छाप या फार्मासिस्ट के इलाज करना पड़ता है। गंभीर समस्या होने पर गोरखपुर या महराजगंज जिला अस्पताल जाना पडता है। डॉक्टर अस्पताल में कब आते हैं, कब जाते हैं, पता ही नहीं चलता है। अगर डॉक्टर समय से रहते तो इलाज में परेशानी नहीं होती। अस्पताल में मरीजों का इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे होता है। परिसर में देख रेख के अभाव में एक एंबुलेंस में जंग लगी है।
इलाज कराने के आई मंसूरगंज निवासी ज्ञानती ने बताया कि हमें दाद हुआ है। अस्पताल में दवा के लिए आई थी लेकिन चिकित्सक नहीं होने के कारण फार्मासिस्ट से इलाज करवाना पड़ा। अर्जुन ने बताया कि हम भी इलाज कराने के लिए अस्पताल पर पहुंचे थे। लेकिन मौके पर कोई चिकित्सक नहीं मिले। अस्पताल पर मौजूद फार्मासिस्ट ने इलाज किया।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. आईए अंसारी ने बताया कि अगर चिकित्सक अस्पताल में नहीं रहते हैं तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में सभी लोगों का बेहतर ढंग से इलाज करने का निर्देश है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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