सिंदुरिया। क्षेत्र के ग्राम सभा सेमरी में सिंदुरिया पुलिस और सामाजिक संस्था वन स्टाफ के कर्मचारियों ने मंगलवार की रात होने वाली दो नाबालिग किशोरियों की शादी रुकवा दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों के समझाने पर बारात लौट गई।
जानकारी के अनुसार, सिंदुरिया क्षेत्र के ग्राम सभा सेमरी के दो व्यक्ति अपनी नाबालिग लड़कियों की शादी मध्य प्रदेश के इंदौर में तय की थी। बारात मंगलवार को रात में आनी थी, लेकिन किसी ने इसकी सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी को दी। सूचना पर सामाजिक संस्था और वन स्टाफ की नैना पटेल चिउटहां चौकी प्रभारी उमाकांत सरोज के साथ मौके पर पहुंच गईं।
चौकी प्रभारी ने परिजनों से उनकी बेटियों के बालिग होने का प्रमाण मांगा। परिजन कोई प्रमाण नहीं दें सके। मामले में पुलिसकर्मियों ने दोनों किशोरियों और परिजनों को चौकी चिउटहा लाया और समझाया बुझाया कि आप की लड़की नाबालिग है और इनकी शादी करना गैर कानूनी है। नैना पटेल ने लड़की के मां-बाप को बताया किसी भी लड़की की शादी 18 वर्ष व लड़के की शादी 21 के पूर्व करना अपराध है। चौकी इंचार्ज उमाकांत सरोज के अनुसार समझाने से परिजन मान गए और बारातियों को भटहट से वापस कर दिया, जिसमें बच्चियों को सुपुर्दगी नामा लिखवा कर परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में कोई अभियोग पंजीकृत नहीं किया गया।