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Maharajganj News: पुलिस पर महिला व नाबालिग बेटे को झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने का आरोप

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कैलाशनगर की महिला ने महिला पुलिस की गैरमौजूदगी में मारपीट का लगाया आरोप
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पुलिस अधीक्षक को भेजे शिकायती पत्र में कार्रवाई की मांग की
सोनौली। क्षेत्र की एक अनुसूचित जाति की महिला ने स्थानीय पुलिस पर उसे और नाबालिग पुत्र को झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने का आरोप लगाया है। महिला ने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि पुलिस ने उसे और उसके नाबालिग बेटे के साथ मारपीट करने के बाद झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया। सोनौली पुलिस ने महिला के आरोपों को निराधार बताया है।
कैलाशनगर निवासिनी बिंदू ने पुलिस अधीक्षक को भेजे गए शिकायती पत्र में बताया है कि 1 मई 2026 को क्षेत्र में हुई एक चोरी की घटना के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर उसे थाने बुलाया। महिला का कहना है कि वह उस समय लेहड़ा मंदिर में आयोजित एक मुंडन संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने गई थी और रात करीब 10 बजे घर लौटने के बाद थाने पहुंची।
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महिला का आरोप है कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने बिना समुचित पूछताछ के उस पर और उसके नाबालिग बेटे पर चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया। विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्र व्यवहार किया और बेल्ट से मारा-पीटा। महिला का यह भी आरोप है कि इस दौरान थाने में कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।
शिकायती पत्र में महिला ने बताया है कि पुलिसकर्मियों ने उसे और उसके बेटे को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया। महिला का कहना है कि वह संबंधित पुलिसकर्मियों के नाम नहीं जानती लेकिन उनकी पहचान कर सकती है। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किए जाने तथा उसे न्याय दिलाने की मांग की है।
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कोतवाल सोनौली महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि महिला के लगाए गए सभी आरोप निराधार है। संबंधित मामले की जांच में महिला की संलिप्तता सामने आई थी और पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की है। मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और झूठे मुकदमे में फंसाने के आरोप तथ्यहीन हैं।
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