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Maharajganj News: पीएम जनधन योजना...88040 खाते में धन नहीं, लेनदेन बंद

Thu, 30 Jan 2025 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। समाज के सभी लोगों के लिए वित्तीय समावेश के मकसद से शुरू की गई जनधन योजना में खाते खोले गए। जिले में 12,84,186 खातों में से अब 88,040 खाते निष्क्रिय हैं। इन खातों से अब तक कोई लेनदेन नहीं हुआ है। बैंकों के पास इन्हें निष्क्रिय घोषित करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था। जनधन खाते में 29,25, 454 रुपये जमा हैं। खाता संचालन को लेकर लोगों में कुछ खास रुचि नहीं है।
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जानकारी के अनुसार पीएम जनधन योजना के तहत बैंकों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों के खाते खोले। पहले चरण में हर घर में एक बैंक खाता होने का लक्ष्य पूरा किया गया था। जबकि दूसरे चरण में हर घर में सभी लोगों को बैंक खाता खोलने पर काम किया गया। वर्ष 2014 से अब तक योजना के तहत लोगों के खाते खोले गए। जिले में मौजूदा समय तक 12,84,186 बैंक खाते खोले जा चुके हैं। जिले में इस समय 1,96,146 बैंक खाते चालू हैं। बाकी 88040 खाते 11 साल के अंदर बंद हो चुके हैं। चालू बैंक खातों में इस समय लेनदेन हो रहा है। इसमें 29,4254 रुपये जमा है।
बाकी 88040 खाते अभी निष्क्रिय हैं। इन खातों से कोई लेनदेन नहीं हुआ है। प्रत्येक खाते में औसतन 1000 रुपये का लेनदेन हुआ है। कई खाते ऐसे हैं, जिनमें एक बार भी पैसों का लेनदेन नहीं हुआ है। खाताधारक पैसा जमा नहीं कर रहे हैं। बैंक खातों की स्थिति से जिले की अर्थव्यवस्था का भी आंकलन किया जा सकता है। जानकार बताते हैं कि योजना के तहत काफी ऐसे लोगों के खाते खोल दिए गए, जिनके पास पहले से ही दूसरे बैंकों में भी खाते थे। साथ ही लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने का भी प्रमुख कारण है।
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किस बैंक में हैं कितने जनधन खाते

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया- 579514

केनरा बैंक-9562

पंजाब नेशनल बैंक-1,08728

इंडियन ओवरसीज बैंक-3630

इंडियन बैंक- 49463

पंजाब एंड सिंध बैंक-749

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया-92594

बैंक ऑफ इंडिया-7773

यूको बैंक- 4009

यूनियन बैंक- 96308

बैंक ऑफ बड़ौदा- 89625

बैंक ऑफ महाराष्ट्र- 1962

एक्सिस बैंक-572

एचडीएफसी- 3331

आईसीआईसीआई-19

बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक-436347
लाभ पाने की आस में खोले थे खाते, नहीं मिले तो हो गए निष्क्रिय
मिठौरा की ज्ञानती देवी कहती हैं कि खाता खोलते समय बताया गया था कि सरकार पैसा देगी, लेकिन कुछ नहीं मिला। खाते से और भी कुछ सुविधा नहीं मिली। मेरे पास खाते में जमा करने के लिए पैसे नहीं हैं। इसी कारण खाते का प्रयोग नहीं किया। चेहरी की संगीता देवी ने बताया कि वर्ष 2014 में बैंक खाता खुलवाया गया था। तब बैंक ने तमाम तरह की सुविधा देने का वादा किया था, लेकिन कुछ नहीं मिला। तभी से खाते में कोई लेनदेन नहीं किया। जिगीना के रामप्रसाद ने बताया कि इतना पैसा नहीं होता कि बैंक में जमा करा सकें जो पैसा आता है, वह घर की तमाम जरूरतों पर खत्म हो जाता है। बैंक जाने की स्थिति ही नहीं आ पाती है और उससे पहले रुपये खर्च हो जाते हैं। खाता खुलने के बाद उन्होंने कभी लेनदेन नहीं किया। मोहनापुर के बुधई ने बताया कि बैंक में खाता खुला था पर बाद में उसे बंद करवा दिया। खाते में लेनदेन करने के लिए पैसे ही नहीं हैं। बीमा और अन्य सुविधा के बारे में जानकारी नहीं है।
नियम के अनुसार सभी खाते खोले गए। लोगों को इसके बारे में जानकारी दी गई। कुछ खाते हैं जो निष्क्रिय हो चुके हैं। ज्यादातर खाते संचालित हो रहे हैं। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि खातों का संचालन करें।
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-भुपेंद्र नाथ मिश्रा, लीड बैंक मैनेजर
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