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डॉक्टर्स डे विशेष

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शहीद डॉक्टरों की याद में हुआ पौधरोपण, नम आंखों से दी श्रद्धांजलि
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महराजगंज। डॉक्टर्स-डे पर बृहस्पतिवार को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ एवं केएमसी डिजिटल अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में आईटीएम कॉलेज चेहरी में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। शहीद डॉक्टरों की याद में पाकड़, पीपल, आम समेत 20 पौधे रोपे गए। साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने संकल्प दिलाया। अस्पताल के चेयरमैन विनय कुमार श्रीवास्तव ने पौधो की बेहतर ढंग से सुरक्षा कराने पर जोर दिया।
बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे आईटीएम कॉलेज चेहरी में डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार, एसपी प्रदीप गुप्ता, सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव पहुंचे। सबसे पहले अधिकारियों ने कोरोना से शहीद डॉक्टरों के प्रति श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण में पौधरोपण के महत्व पर प्रकाश डाला। डीएम ने कहा कि कोरोना में शहीद डॉक्टरों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। चिकित्सकों ने पूरे मनोयोग से मरीजों की सेवा की। डॉक्टर्स डे जीवन की सेवा में डॉक्टरों की भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति ध्यान देने के लिए मनाया जाता है। यह दिन उनके कार्यों और दायित्वों को पहचानने के लिए माना जाता है। कोरोना के प्रकोप के बीच हमारे डॉक्टर सप्ताह के सात दिन 24 घंटे काम कर रहे हैं और अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की जान बचाने का काम कर रहे हैं। अपनी जान की परवाह किए बिना डॉक्टरों ने जिस भावना और समर्पण के साथ काम किया, वह अविस्मरणीय रहेगा।
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एसपी ने कहा कि कोरोना काल में चिकित्सकों की बदौलत लोगों की जान बची। सीएमओ ने कहा कि कोरोना काल में बेहतर प्रबंधन एवं ठीक ढंग से इलाज के कारण लोगों की जान बचाई गई। साथ ही चिकित्सकों ने अपने प्राणों की चिंता न करते हुए लोगों के जीवन की रक्षा की। कार्यक्रम के अंत में अस्पताल के चेयरमैन से सभी अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस दौरान आईटीएम कॉलेज के डॉयरेक्टर प्रोफेसर एसआर पांडेय, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. देव कुशवाहा, डीके सिंह, विनोद श्रीवास्तव, अवनीश, अरविन्द, डॉ. मनीष, शहबाज, नसरूद्दीन आदि मौजूद रहे।
कोरोना में शहीद दो डॉक्टरों के नाम पर लगाए गए पौधे
महराजगंज। आईटीएम कॉलेज परिसर में कोरोना में शहीद दो डॉक्टरोॅ के नाम पर अधिकारियों ने पौधरोपण किया। डॉ. एस राज उर्फ शिवराज, एमबीबीएस का जन्म 2 जनवरी 1960 को रजौड़ा पंजुम में हुआ था। पनियरा कस्बे में वर्ष 1991 में नर्सिंग होम खोलकर मरीजों की सेवा शुरू की। 25 मई 2021 की शाम 5 बजे गोरखपुर के नर्सिंग होम में कोरोना की जंग में शहीद हो गए। वहीं डॉ. नुपूर गुप्ता (35) शहीद हो गई। यह गोरखपुर खजांची में रहती थी। वर्ष 2017 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी में इनकी तैनाती हुई। डॉ. नुपूर गुप्ता 8 मई 2021 को कोरोना की जंग में शहीद हो गईं। इन्हीं दोनों लोगों के नाम पर पौधा लगाया गया।
‘मरीजों की सेवा के आगे परिजनों से नहीं मिल पाए डॉक्टर’
स्वास्थ्य के प्रति चुनौतियां और तीसरी लहर से निपटने के उपाय विषय पर हुई ऑनलाइन गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। केएमसी डिजिटल अस्पताल में कोरोना काल में स्वास्थ्य के प्रति चुनौतियां और तीसरी लहर से निपटने के उपाय विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसके पहले केएमसी नर्सिंग कांलेज की छात्राओं एवं शिक्षकों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद हुए चिकित्सकों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। सफदरगंज एम्स के पूर्व चिकित्साधिकारी डॉ. विजय कुमार शर्मा ने ऑनलाइन संवाद किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में शुरू से ही डॉक्टर पूरी मुस्तैदी से मरीजों की जांच में जुटे हैं। कई-कई दिन तक वह परिजनों से नहीं मिल पाए।
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जब हालात सामान्य होने लगे तो उन्हें भी कुछ राहत मिली। कोरोना की खतरनाक दूसरी लहर के शुरू होने पर फिर से डॉक्टरों ने अपना दायित्व संभाला था। कोरोना के शुरू होने के बाद भी इलाज जारी रहा। क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. रफीक ने कहा कि चिकित्सक समाज का एक अहम कड़ी है, हम सभी चिकित्सक मानव सेवा के लिए समर्पित हैं, इसलिए हमें हमेशा इंसानियत को नहीं भूलना चाहिए। स्त्री एवं प्रसूति रोग की डॉ. अन्वेशिका, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शमशुल हक, न्यूरो विभाग के डॉ विश्वनाथ, ईएनटी सर्जन मेजर डॉ. यश वर्धन, मुख कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ अमित सिंह चंदेल, बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अनीश संजय, डॉ. सुनील ने चिकित्सा से जुड़े अहम मुद्दों पर अपना विचार रखा। वहीं, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य डॉ. भानु प्रिया ने कहा कि आज का दिन चिकित्सकों के लिए समर्पित है। तीसरी लहर से लड़ने के लिए अपने आप तो मजबूत रखना होगा। टीका समय से जरूर लगवाएं। ग्राम सभा पकड़ी में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन हुआ। शिविर संयोजक डॉ. धनंजय ने कहा कि हर एक गांव में आरोग्य रथ के माध्यम से ग्रामीणों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की जाएगी।
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