पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
महराजगंज/पनियरा। जवाहरलाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज में बृहस्पतिवार को प्राचार्य डॉ दिग्विजय नाथ पांडेय ने पौधरोपण किया। पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को संकल्प दिलाया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर व खेल मैदान में शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं ने पौधरोपण किया। चीफ प्रॉक्टर राहुल सिंह, अखिल कुमार राय, डॉ विजय आनंद मिश्र, विजय शंकर सिंह, दिवाकर सिंह मौजूद रहे।
उधर, पर्यावरण दिवस एवं वन महोत्सव सप्ताह के तहत लिटिल फ्लॉवर स्कूल पर्यावरण क्लब की ओर से स्कूल परिसर में हाइड्रोपोनिक प्लांट प्रोजेक्ट की प्रस्तुति की गई। 12वीं के छात्र-छात्राओं को सोनाड़ी जंगल ले जाया गया। वहां बरगद का पेड़ है। कहा जाता है यह पेड़ लगभग एक हजार साल पुराना है। पेड़ की शाखाएं दूर-दूर तक फैली हैं और आपस में जुड़ी हैं। सभी विद्यार्थी कुशमहवा कोठी पहुंचे।
बाकी रेंज पनियरा के धवयी बीट में बृहस्पतिवार को मुख्य वन संरक्षक भीससेन व क्षेत्रीय विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ने पौधरोपण किया। मुख्य वन संरक्षक भीससेन ने कहा कि प्रकृति को सुरक्षित रखने के लिए पौधे जरूर लगाएं, प्रकृति से हमें जीवन जीने की सीख मिलती है। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख वेद प्रकाश शुक्ला, क्षेत्रीय वन अधिकारी जगदंबा पाठक, वन दरोगा अजीत पति त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
पीजी कॉलेज में हुई पौधरोपण कार्यक्रम शुरुआत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरेंदा। परमेश्वर सिंह मेमोरियल पीजी कालेज मथुरानगर में बृहस्पतिवार को पौधरोपण किया गया। प्राचार्य ने शुद्ध वायु के लिए पौधरोपण को जरूरी बताया और पेड़ों की रक्षा का संकल्प दिलाया।
प्राचार्य अशोक भारतीय, डॉ चंद्रजीत वरुण, प्रबंध समिति के सलाहकार रामनगीना सिंह, अरुण कुमार सिंह ने कालेज परिसर में पौधे लगाए। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने पौधरोपण कर जागरुकता रैली भी निकाली। प्राचार्य ने कहा कि जीवन में पौधों का विशेष महत्व है। शुद्ध वायु के लिए पौधों का होना जरूरी है। समन्वयक डॉ. चंद्रजीत वरुण ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए पेड़-पौधों का होना आवश्यक है। अधिक से अधिक पौधरोपण कर उनकी सुरक्षा व संरक्षण का संकल्प लेना होगा। राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ पूर्णेश सिंह ने कहा कि पौधरोपण पुनीत कार्य है। सभी को इसमें अपनी सहभागिता निभानी चाहिए। इस दौरान डॉ. सतीश कुमार, डॉ. दिनेश कुमार पटेल, डॉ. गणेश वर्मा, डॉ. आशुतोष कुमार राय, शशिकांत वर्मा आदि मौजूद रहे।