सागौन के पौधे बने मनरेगा मजदूरों की पसंद
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा कराने के लिए जिम्मेदारों ने पूरी ताकत झोंक दी है। इन सबके पौधों की अनुपलब्धता पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा कराने में आड़े आने लगी है। ज्यादातर मनरेगा मजदूर व्यक्तिगत रूप से अपने खेतों में लगाने के लिए सागौन के पौधों की मांग कर रहे हैं, लेकिन मांग के अनुरूप पौधे उपलब्ध न होने से जिम्मेदारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब जिम्मेदार प्राइवेट नर्सरियों में भी सागौन के पौधों की तलाश कर रहे हैं।
सार्वजनिक जगहों पर लगाने के लिए वन विभाग की तरफ से छह लाख सागौन के पौधे उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त मनरेगा के तहत जिले भर में चिह्नित 4,577 मजदूरों को भी 80 से 100 पौधे लगाने को कहा गया है। ज्यादातर मनरेगा मजदूर सागौन के पौधे की मांग कर रहे हैं। इनकी मांगों को देखते हुए कहा जा रहा है कि करीब चार लाख और सागौन के पौधों की जरूरत है। व्यक्तिगत रूप से मजदूरों को पौधे देने के लिए मनरेगा के जिम्मेदारों ने नर्सरियों में भी सागौन के पौधों की तलाश शुरू कर दी है। जिम्मेदारों का कहना है कि सागौन कीमती लकड़ी है, उसे लगाने से मजदूरों की एक पूंजी भी तैयार होगी। इसी के दृष्टिगत वे इस पौधे की मांग कर रहे हैं।
उपायुक्त मनरेगा उपेंद्र पाल ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को मांग के अनुरूप पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही पौधे लगाने के बदले मजदूरी का भी भुगतान किया जाएगा।