क्रेडिट जीरो, फुल पेमेंट देकर भी डीज- पेट्रोल का इंतजार
महराजगंज। डीजल-पेट्रोल की किल्लत को लेकर हो रही परेशानी के लिए डीलर कंपनियों को जिम्मेदार बता रहे हैं। वह पेट्रोलियम कंपनियों पर मनमानी को जिम्मेदार बता रहे हैं।
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, पहले इंडियन आयल ने जीरो क्रेडिट व्यवस्था तब प्रभावी की जब कंपनियों का दावा था कि कच्चे तेल का भाव बढ़ने के बाद भी वह पुराने रेट पर आपूर्ति देकर घाटा उठा रही, लेकिन पिछले दिनों डीजल व पेट्रोल के मूल्य में तीन-तीन रुपये बढ़ा चुकी हैं। लेकिन इसके बाद भी जीरो क्रेडिट बहाल करने की कौन कहे डिपो में एडवांस पेमेंट जमा करने के बाद भी डिपो आपूर्ति भेजने में मनमानी कर रही। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के मुताबिक जनपद में कुल 144 पंप संचालित हैं, लेकिन आधे पंप शनिवार से ही सूखे पड़े हैं। रेट में हुए प्रति लीटर तीन रुपये के इजाफे के बाद भी समय पर डिपो से तेल पंप संचालकों को नहीं मिल रहा है।
शिकारपुर स्थित पंप पर किसान जगत पटेल व सतीश चौधरी ने बताया कि आज तीसरा दिन है ट्रैक्टर में डालने के लिए डीजल नहीं मिला जिससे रोपाई करने वाले खेत की जोताई रुकी है। मुख्यालय के महुअवा पंप पर मिले किसान रामदास व ओमप्रकाश ने कहा नर्सरी में पानी चलाना है, लेकिन डीजल न मिलने से पंप सेट नहीं चला पा रहे हैं। हालांकि पूर्ति विभाग का दावा है कि जिले में पेट्रोल-डीजल का स्टॉक तीन दिनों का सुरक्षित है।
वर्जन
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मो. सैफुल्लाह का कहना है कि इंडियन ऑयल सहित अन्य कंपनियों ने जीरो क्रेडिट काफी पहले से प्रभावी कर रखी है। पहले डिपो आपूर्ति कर देते थे, जिसका भुगतान पंप संचालक बिक्री के बाद सप्ताह भीतर कर देते थे, लेकिन जीरो क्रेडिट के बाद एडवांस जमा किए सप्ताह गुजर जा रहे हैं लेकिन आपूर्ति नहीं मिल रही है। जनपद के उच्चाधिकारियों के साथ ही ऑयल डिपो से भी एसोसिएशन वार्ता करते हुए स्थिति ठीक करने के प्रयास में जुटा है।