किसान खेतों की जुताई, धान की नर्सरी और सिंचाई के लिए डीजल लेने आए थे, लेकिन लगातार इंतजार के बाद भी डीजल नहीं मिला। इससे नाराज़ किसानों ने प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि आम किसानों को डीजल नहीं दिया जा रहा, जबकि चुनिंदा लोगों को आधी रात को तेल उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि इस समय धान की नर्सरी डालने और खेत तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण समय चल रहा है। यदि समय पर डीजल नहीं मिला तो खेती पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। किसानों ने कहा कि ट्रैक्टर बंद पड़े हैं, सिंचाई रुक गई है और खेतों की तैयारी नहीं हो पा रही।
कई किसानों ने चिंता जताई कि यदि यही हाल रहा तो इस बार खेत परती रह जाएंगे और उत्पादन पर बड़ा असर पड़ेगा। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस कर्मियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया और किसी तरह सड़क से जाम हटवाया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही डीजल की किल्लत अब आम लोगों के साथ-साथ किसानों के लिए भी गंभीर संकट बनती जा रही है। खेती-किसानी के सबसे अहम समय पर ईंधन की कमी ने ग्रामीण इलाकों में बेचैनी बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
एसओ अभिषेक सिंह ने बताया कि जाम की सूचना पर पुलिस पहुंची है। आवागमन सुचारू रूप से संचालित कराया गया है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है