महराजगंज। तल्ख मौसम के तेवर मानसून की सक्रियता से नर्म हुए हैं। नमी लौटने से जहरीले कीड़े भी निकल रहे हैं। पेडेरस कीड़ा आंख और चेहरे पर बैठता है। हटाने पर एक द्रव स्रावित करता है, जिससे चेहरे पर फफोले पड़ जाते हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में पिछले चार दिन से ओपीडी में छह मरीज इससे पीड़ित होकर पहुंचे। चिकित्सक ऐसे कीटों से बचने की सलाह दे रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में खराब मौसम के बीच 734 मरीज पहुंचे। इनमें त्वचा रोगियों की संख्या अधिक थी।
जहरीले कीटों के प्रभाव से पीड़ित पांच रोगी पहुंचे जिन्हें परीक्षण के बाद लोशन व क्रीम की सलाह दी गई। डाॅ. पवन कुमार ने बताया कि बारिश में त्वचा संबंधित विकार अधिक होते हैं।
इन दिनों ऐसे किट सक्रिय हैं जो आंख व चेहरे पर प्रभाव डाल रहे। जहरीले कीड़े से एक प्रकार का रसायन निकल रहा है। इससे त्वचा पर जहां फफोले व घाव हो रहे हैं। वहीं, आंखों में सूजन का खतरा रहता है। विषैले कीड़ों की संख्या बारिश के बाद बढ़ गई है।
इन्हीं में से पेडेरस नाम का कीट काफी नुकसान पहुंचा रहा है। इस कीट में एसिड होता है। जब यह त्वचा पर बैठता है तो उसे हटाते समय रगड़ लग जाने पर फ्लूड निकलता है। यह त्वचा के संपर्क में आते ही खुजली, जलन, फफोले पैदा करता है।
समय पर उपचार न हो तो चकत्ते घाव में बदल जाते हैं। इसलिए ऐसी समस्या का अनुभव हो तो तत्काल साफ पानी से चेहरा धुलें। चिकित्सक परामर्श के बाद ही दवा लें। सीएमएस डाॅ. एके द्विवेदी ने कहा कि कीट से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। बाइक पर चश्मा और हेलमेट लगाकर ही चलें।