बुधवार देर रात टैंकर से गैस रीफिलिंग के बाद आस पास के गांव में चूल्हे जलाने की अनुमति मिली।
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भैया फरेंदा में गैस टैंकर के पलटने से 20 घंटे राजमार्ग बंद रहा। आग लगने के डर से आस पास के घरों में चूल्हे नहीं जले। बृहस्पतिवार को रिफिलिंग होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। राजमार्ग पर आवागमन भी शुरू हुआ। आस पास के लोग 20 घंटे दहशत में रहे।
गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग के भैया फरेंदा के समीप गीडा से नेपाल के लिए चला गैस टैंकर पलट गया था। जिसमें से रिसाव शुरू हो गया था जिसके कारण पुलिस प्रशासन ने अगल-बगल के तीन गांवों में चूल्हे नहीं जलाने की सलाह दी थी। हाइवे बंद होने और खाना नहीं बनने से दिनचर्या प्रभावित हो गई थी। चौराहों के चाय दुकानों को भी भट्ठी न जलाने की हिदायत दी गई थी। बिजली विभाग के अधिकारियों ने आपूर्ति बंद कर दी थी। जिससे सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। गीडा से आए इंजीनियरों की टीम ने बुधवार सुबह 10 बजे से ही गैस रिफिलिंग शुरू की जो रात के करीब 12 बजे तक चला। तब जाकर राजमार्ग खोला गया। गैस टैंकर पलटने की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक विनोद तिवारी, एसडीएम जयचंद पांडेय ,सीओ रचना मिश्रा फायर ब्रिगेड टीम के साथ पहुंचे थे। एसओ ओमप्रकाश के साथ एसओ दिलीप शुक्ला, अनुज कुमार सिंह, व अन्य पुलिस कर्मी मौके पर जमे रहे।