प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक पंचायत उत्सव भवन का होगा निर्माण
प्रत्येक उत्सव भवन के निर्माण पर खर्च होंगे 1.41 करोड़ रुपये
गरीब परिवारों को राहत, गांव में ही मिलेंगी मैरिज हॉल जैसी सुविधा
महराजगंज। जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक गांव का चयन कर वहां पंचायत उत्सव भवन का निर्माण कराया जाएगा। इन उत्सव भवनों में गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए निजी गेस्ट हाउस जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक उत्सव भवन के निर्माण पर 1.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जानकारी के अनुसार, जिले में फरेंदा, नौतनवा सिसवा महराजगंज और पनियरा विधानसभा क्षेत्र में कुल 882 ग्राम पंचायत हैं। प्रत्येक विधानसभा में एक भवन का निर्माण किया जाना है। जिस विधानसभा में पहले से यह सुविधा उपलब्ध है उसमें नया भवन नहीं बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक भवनों की कमी के कारण आमजन को विवाह, तिलक, बरात, मुंडन, जन्मदिन और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए स्कूल, कॉलेज या फिर शहरों में किराए पर स्थल लेना पड़ता है। इससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता ही है ग्रामीण परिवारों को कई तरह की असुविधाओं का भी सामना करना पड़ता है। पंचायत उत्सव भवन बनने से यह समस्या काफी हद तक दूर होगी।
प्रत्येक उत्सव भवन पर 1.41 करोड़ रुपये खर्च
पंचायत उत्सव भवन के निर्माण के लिए प्रत्येक भवन पर 1.41 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। भवन का निर्माण क्षेत्र 522 वर्ग मीटर में होगा। परिसर का क्षेत्रफल लगभग 3,000 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है। भवन को मजबूत, टिकाऊ और आधुनिक स्वरूप में तैयार किया जाएगा ताकि यह लंबे समय तक उपयोग में लाया जा सके।
100 लोगों के बैठने की होगी क्षमता
प्रस्तावित पंचायत उत्सव भवन को ग्रामीण आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसमें लगभग 100 लोगों की बैठने की क्षमता होगी। एक बड़ा हॉल, विवाह व अन्य आयोजनों के लिए स्टेज और मंडप, तीन कमरे होंगे। इनमें से एक कमरा दिव्यांगजनों के अनुकूल होगा। रसोईघर (किचन), पुरुष और महिला के लिए अलग-अलग शौचालय, बिजली, पेयजल और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रहेगी। इन सुविधाओं के चलते गांव के लोग कम खर्च में सम्मानजनक ढंग से कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे। शासनादेश जारी होने के बाद पंचायत विभाग अब उपयुक्त जमीन की तलाश में जुट गया है। जमीन गांव के ऐसे स्थान पर चयनित की जाएगी, जहां सभी ग्रामीणों की पहुंच आसानी से हो। जमीन चिह्नित होने के बाद उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
पहले से है प्रस्ताव तो नहीं बनेगा पंचायत उत्सव भवन
शासन स्तर से प्राप्त शासनादेश (जीओ) में स्पष्ट किया गया है कि जिस विधानसभा क्षेत्र में पहले से कोई विवाह मंडप या उत्सव भवन प्रस्तावित है, वहां नया पंचायत उत्सव भवन नहीं बनाया जाएगा। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर डीपीआरओ की ओर से पूरे जिले में सर्वे कराया गया है। सर्वे में यह जांच की गई कि किस विधानसभा क्षेत्र में पहले से विवाह भवन का कोई प्रस्ताव नहीं है। ऐसे विधानसभा क्षेत्रों को वरीयता क्रम में पंचायत उत्सव भवन निर्माण के लिए चुना जाएगा। इसमें मुख्य रूप से नौतनवा और फरेंदा विधानसभा क्षेत्र को शामिल किया गया है।
शुल्क लेकर किया जाएगा रख-रखाव
पंचायत उत्सव भवन के बेहतर संचालन और देखरेख के लिए न्यूनतम शुल्क लेने का प्रावधान किया गया है। विवाह, बरात या अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए 2 हजार से 5 हजार रुपये तक शुल्क निर्धारित किया जाएगा। इस राशि का उपयोग भवन की साफ-सफाई, मरम्मत, बिजली-पानी के खर्च, अन्य रखरखाव कार्यों में किया जाएगा। पंचायत उत्सव भवन के चयन, निर्माण और निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष होंगे। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को सचिव नामित किया जाएगा।जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) सदस्य होंगे। यह समिति निर्माण की गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।
वर्जन
शासन स्तर से निर्देश प्राप्त हुए हैं कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन का निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल जिले को एक उत्सव भवन निर्माण का लक्ष्य मिला है। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन चिह्नित कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
-श्रेया मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी