गैस के दर्द निवारक तेल का स्टॉक ड्राई
महराजगंज। जिला अस्पताल के आयुष अनुभाग में गैस की दवाई बीते एक सप्ताह से नहीं है। दर्द निवारक तेल का स्टॉक भी खाली है। हालत यह है कि मरीजों को बाहर से दवा लेनी पड़ रही है।
औसतन एक दिन में करीब 50 से 60 मरीज आयुष अनुभाग में इलाज कराने आते हैं। दवा नहीं मिलने से उनको बाहर से महंगे दाम पर लेनी पड़ती है। आयुष अनुभाग में शनिवार को इलाज कराने आए मरीजों को दर्द निवारक तेल नहीं मिला। इलाज कराने आए उमाकांत ने बताया कि दस दिन पहले आया तो दर्द निवारक तेल मिला था, उससे काफी आराम मिला, लेकिन अब यह दवा नहीं है तो परेशानी होगी। दर्द से मुक्ति के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा। अस्पताल में दवा पता नहीं आएगी। ओपीडी में ज्यादा मरीज गैस कब्ज से पीड़ित आए, उनको गैस की दवा नहीं मिलने से परेशानी हुई। गर्मी की वजह से चर्म रोग से पीड़ित मरीज भी पहुंचे। आयुष अनुभाग में दवाओं की कमी से मरीजों की जेब ढीली हो रही है। मोहनापुर की बसंती देवी ने बताया कि गैस की आयुर्वेदिक दवाई से ही आराम मिला था लेकिन यह दवा नहीं रहने से बाहर से खरीद कर काम चलाना पड़ रहा है।
बेकार पड़ा टीवी, जिम्मेदार बेखबर
आयुष अनुभाग में शटर के पास टीवी लगा है। देखकर ऐसा लगता है कि जब से वह लगा तब से चला ही नहीं। तार निकला हुआ है। पास में कोई बोर्ड नहीं लगा है। मरीजों एवं तीमारदारों के मनोरंजन के लिए लगा टीवी बेकार पड़ा है, लेकिन इसे ठीक कराने की दिशा में जिम्मेदार बेखबर हैं।
दीवार से छोड़ रहा प्लास्टर
आयुष अनुभाग में चिकित्सकों के कमरों में प्लास्टर टूट कर धीरे-धीरे गिर रहा है। इसे ठीक कराने की दिशा में जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। चिकित्सक समेत कर्मी सहमे रहते हैं कि कहीं प्लास्टर टूटकर ऊपर न गिर जाए।
कोट
वर्तमान में उपलब्ध दवाएं मरीजों को दी जा रही हैं। गैस एवं दर्द निवारक तेल स्टॉक में नहीं है। आयुर्वेदिक दवाओं के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज कराने का प्रयास जारी है।
-डॉ. अनिल कुमार, आयुष विभाग
कोट
दवाओं को उपलब्ध कराने एवं अन्य समस्याओं को दूर कराने के लिए कारगर पहल की जाएगी। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।
-डॉ. एएम भाष्कर, सीएमएस