महराजगंज। बदलते मौसम में लोगों की नासाज सेहत में सुधार के आसार देर से प्रभावी हो रहे हैं। आंख में इन्फेक्शन के बाद नाक, कान और गला विभाग में मरीजों की भीड़ दिख रही है। कान और गले में संक्रमण के मामले बढ़े हैं।
कान में एक्यूट आट्रिटिस (कान के मध्य का संक्रमण) लक्षण के मामले अधिक आ रहे हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 670 मरीजों का इलाज किया गया। 14 मरीजों को कान में तेज दर्द की समस्या थी।
खांसी और बुखार के दौरान कान में इन्फेक्शन हो रहा है। इसमें कान में दर्द होने के साथ पर्दा फटने का डर रहता है। चिकित्सक सावधानी बरतने के साथ तत्काल इलाज कराने की सलाह दे रहे हैं। सर्दी जुकाम और बुखार के दौरान अब कान और गले में संक्रमण की स्थित उत्पन्न हो रही है। नाक, कान व गला रोग के डाॅ. अनिरूद्ध कुमार ने बताया कि वायरस या बैक्टीरिया से यह संक्रमण होता है। जो किसी भी उम्र में हो सकता है।
कान में तेज दर्द होता है और श्रवण क्षमता कमजोर हो जाती है। छोटे बच्चों में बुखार, मतली, उल्टी और दस्त की समस्या के बाद यह पनपता है। ईयरड्रम फट जाता है और कान से पस निकलने लगता है। सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि मरीजों को दवा के साथ बचाव की हिदायत दी जा रही है। अस्पताल में सभी दवाएं उपलब्ध हैं।