नौतनवां/फरेंदा। रेवेन्यू बार एसोसिएशन की बैठक शुक्रवार को तहसील परिसर में हुई। बैठक में अधिवक्ता अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन की कड़ी निंदा की गई और न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया।
बार अध्यक्ष साधुशरण मिश्र ने कहा कि बार कौंसिल के आह्वान पर देश व्यापी स्तर पर अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय ले रखा है। उन्होंने प्रस्तावित संशोधन को वापस लेने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन अधिवक्ता की सेवा को उपभोक्ता संरक्षण की परिधि में लाने के संसद के इस प्रस्ताव की निंदा करता है। बैठक में महामंत्री अनिल कुमार शर्मा, विजय प्रकाश, राजेश श्रीवास्तव, विभूति यादव, मुकेश कुमार दीपक, सुधीर शुक्ला, राजेश चौधरी, अशोक जायसवाल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
बार काउंसिल के आह्वान पर शुक्रवार को दिन में नये एडवोकेट संशोधन एक्ट का विरोध करते हुए एक्ट की प्रतियां जलाकर सिविल बार एसोसिएशन फरेंदा के वकीलों ने एसडीएम कार्यालय पर विरोध जताया।
बार काउंसिल आफ इंडिया के आह्वान पर सिविल न्यायालय फरेंदा के अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष अरविंद कुमार मिश्र व मंत्री शंभू नाथ यादव के नेतृत्व में जुलूस निकाला और अमेंडमेंट एक्ट की प्रतियां जलाईं साथ ही उपजिलाधिकारी को विरोध स्वरूप ज्ञापन सौंपा।
सिविल बार के अध्यक्ष अरविंद मिश्र ने कहा एडवोकेट संशोधन एक्ट अधिवक्ताओं के हक को समाप्त करने का प्रयास है। इसका बार एसोसिएशन कड़ा विरोध करेगा। इस दौरान अधिवक्ता जेपी त्रिपाठी, एसपी दूबे, ओंकार मौर्या, सुनील मणि, रामसहाय गुप्त, स्कंद श्रीवास्तव, उदय शंकर चौरसिया, अरविंद उपाध्याय, सुनील श्रीवास्तव, मनोज मिश्र, विजय पासवान व गोरख प्रसाद आदि मौजूद रहे।