राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले मंगलवार को कर्मचारियों का समूह जुटा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बैठक और जिला मुख्यालय पर धरना दिया। प्रदेश सरकार पर राज्य कर्मचारियों की अनदेखी करने का आरोप लगाकर कर्मचारी नेताओं ने जमकर भड़ास निकाली।
जिलाध्यक्ष भागवत सिंह ने कहा कि हमारा संगठन प्रदेश की जनता कि सेवा के लिए और प्रदेश के विकास के लिए हेै। जो कि कर्मचारियों के साथ अथक परिश्रम कर रहा है। प्रदेश की सरकार राज्य के कर्मचारियों को अपने घर का गुलाम समझ रही है। जिसके कारण मनमाफिक कर्मचारी संगठन के साथ समझौता करती है और भूल जाती है।
उन्होंने कहा पिछले चार साल से कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर अनेक बार धरना प्रदर्शन किए, ज्ञापन दिए आदि के माध्यम से सरकार से इन मांगों को मानने के लिए अनुनय विनय किया जाता रहा। किन्तु आज तक सरकार समझौते के बाद भी शासनादेश जारी नहीं किया। प्रदेश सरकार की इस रवैये से कर्मचारियों के समाने गांधीवादी तरीके से हड़ताल करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
जिला महामंत्री कमलेश सिंह ने कहा कि नवंबर 2013 में इन्हीं मांगों को लेकर 11 दिन प्रदेश में हड़ताल थी। हाईकोर्ट और प्रदेश सरकार के आश्वासन पर कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ली थी। आज तक कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया। जिससे कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। उपाध्यक्ष कौशल किशोर चौबे ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करनी चाहिए नहीं तो कर्मचारियों का संगठन सरकार को चैन से बैठने नहीं देगा।
अमीन संघ के अध्यक्ष जगजीवन पटेल ने कहा कि सातवें वेतन आयोग ने जो रिपोर्ट केंद्र सरकार को दी है उसमें कर्मचारियों का हर तरफ से नुकसान है। कहा कि केंद्र सरकार को कर्मचारी विरोधी सातवें वेतन आयोग को स्वीकार नहीं करना चाहिए। सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रद्युम्न ने कहा कि प्रदेश सरकार को केंद्र के कर्मचारियों की भांति राज्य कर्मचारियों का इलाज भी सीधे अस्पताल में कराना चाहिए।
वाणिज्य सेवा संघ के अध्यक्ष अशोक पांडे ने कहा कि सरकार हमारी मांगें नहीं मानी तो हम सभी सरकारी कार्य ठप कर देंगे। धरने के समर्थन में आए कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रांतीय मंत्री श्रीनाथ धन दुबे ने सातवें वेतन आयोग की आलोचना की। अखिलेश्वर त्रिपाठी, जगदीश यादव, राकेश मणि, वेद प्रकाश चौरसिया, सहित कई लोगों ने संबोधन किया। सुशील सिंह, सुधा सिंह, गीताराम, संगीता, अनीता, शीला राय सहित अनेक लोग मौजूद थे।