सीएचसी रतनपुर : दंत रोग विशेषज्ञ नहीं, आपरेशन की सुविधा भी नदारद
महराजगंज। अगर दांत में दर्द है तो रतनपुर सीएचसी में इसका इलाज संभव नहीं। इस सीएचसी में दंत रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं। इसके अलावा आपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इलाज के लिए आनेवाले लोगों को बाहर से दवाएं लेनी पड़ती है। मर्ज के मुताबिक यहां दवाएं ही पूरी नहीं हैं। फलस्वरूप सस्ते इलाज के चक्कर में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की जेब ढीली हो जाती है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। पर्याप्त स्टाफ की तैनाती नहीं होने के कारण समस्या होती है। महुअवा नंबर एक के हेमंत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सीएचसी रतनपुर में अल्ट्रासाउंड मशीन न होने से प्राइवेट में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा जिससे रकम खर्च करना पड़ता है। निपनिया गांव की कौशल्या ने बताया कि एक्स-रे की सुविधा न होने से दूसरे जगह अधिक दाम देकर एक्स-रे कराना पड़ा। दवा भी बाहर से खरीदनी पड़ती है।
रामनगर गांव के राजाराम ने बताया कि आंख के सर्जन न होने से नेपाल के भैरहवां कस्बे में जाकर इलाज कराना पड़ा। अगर सरकारी अस्पताल में सुविधा रहती तो परेशानी नहीं होती। बेलभार गांव की कांति ने बताया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने से इलाज कराने के लिए निजी अस्पताल में जाना पड़ता है। बेहतर ढंग से इलाज नहीं होने से समस्या होती है। रामनगर गांव के जितेंद्र कुमार ने बताया कि डेंटिस्ट न होने से दांत का इलाज कराने के लिए निजी अस्पताल में रकम खर्च कर इलाज कराना पड़ता है।
फिजिशियन के अलावा अन्य स्टाफ तैनात
नौतनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर में सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार, फिजिशियन डॉ. जितेन्द्र, डॉ. शिवम यादव, डॉ. अखिलेश यादव, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजुलता यादव तैनात हैं। इसके अलावा नेत्र सहायक मनमोहन गुप्ता, फार्मासिस्ट अशोक कुमार तथा निसार अहमद, लैब टेक्नीशियन सेराज अहमद, वरिष्ठ सहायक चंद्रदीप सिंह, स्टाफ नर्स अंजू राय, श्वेता जायसवाल, जैतून निशा की तैनाती है।
अस्पताल में इनकी नहीं हुई तैनाती
सीएचसी रतनपुर में सर्जन, निश्चेतक, रेडियोलॉजिस्ट, चीफ फार्मासिस्ट, डार्क रूम सहायक, डेंटिस्ट की तैनाती नहीं है। यहां अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे के लिए कहीं सुविधा नहीं है। लैब में शुगर, मलेरिया एचआईवी समेत सभी नार्मल जांच की जाती है। लगभग सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। इस सीएचसी के अंतर्गत लगभग 65 गांव आते हैं।
अस्पताल में आने वाले मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जाता है। दवाएं पर्याप्त हैं। कमियों के बारे में जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। वर्तमान संसाधन में बेहतर कार्य करने का प्रयास जारी है।
-डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएचसी अधीक्षक