माता-पिता की इकलौती संतान थी प्रीति, पांच साल पहले हुई थी शादी
पोखरे के पानी में तैर रहा था खिलौना, अंदर डूबी पड़ी थी मासूम
महराजगंज। पनियरा की ग्राम पंचायत नरकटहां के छोटका टोले में शुक्रवार की शाम तीन साल की मासूम प्रीति की घर के बगल में स्थित पोखरे में डूबने से मौत के बाद परिजन में चीख-पुकार मच गई। प्रीति अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। जिस पोखरे में प्रीति डूबी, उसे उसके पिता दिलीप ने मछली पालन के लिए तैयार कराया था।
शुक्रवार की शाम प्रीति अपने दरवाजे पर खिलौने से खेल रही थी। उसकी मां शिवानी दरवाजे पर बैठकर अपनी बेटी को खेलते देख रही थी। कुछ काम से शिवानी घर के अंदर चली गई। जब वह वापस लौटी तो बेटी को वहां नहीं पाया। आशंकित मन से शिवानी ने प्रीति को ढूंढना शुरू किया। घर से करीब आठ फीट की दूरी पर बने पोखरे पर पहुंचने पर उसने देखा। प्रीति जिस खिलौने से खेल रही थी, वह पानी में उतराया हुआ था। यह देखकर शिवानी ने तुरंत शोर मचाया। आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और पोखरे में उतरे।
लोगों ने पोखरे में छानबीन शुरू की। कुछ देर बाद प्रीति का शव पोखरे के तल में डूबा हुआ मिला। इस दुखद घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रीति के माता-पिता दिलीप और शिवानी गहरे सदमे में हैं। उनकी इकलौती संतान की असामयिक मौत ने उन्हें तोड़ दिया है।
10 दिन पहले हैदराबाद गया था पिता
प्रीति के पिता दिलीप का यह पोखरा था। वह इसमें मछली पालन का काम करता था। बरसात के पानी से पोखरा भर जाने के कारण दिलीप रोजी-रोटी की तलाश में था। वह दस दिन पहले ही पेंट-पालिश का काम करने हैदराबाद चला गया था। दिलीप और शिवानी की शादी पांच साल पहले हुई थी। प्रीति का जन्म तीन साल पहले हुआ था और वह उनके जीवन का एकमात्र सहारा थी। मासूम प्रीति की मौत से पूरे परिवार में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे सदमे में हैं। गांव में भी इस घटना को लेकर शोक का माहौल है। हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध है। परिवार के सदस्य एक-दूसरे को सांत्वना दे रहे हैं।