महराजगंज। नेशनल ऑटोमैटेड फिंगरप्रिंट आईडेंटीफिकेशन सिस्टम के होने से कानून के हाथ और लंबे होने जा रहे हैं। इससे अपराधियों का बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाएगा। जनपद में इसकी तैयारी तेजी से की जा रही है और मेनुअल रिकॉर्ड ऑनलाईन करने के लिए अपलोड कराए जा रहे हैं। इसके आदेश राज्य और केंद्र स्तर से जारी किए गए हैं।
राष्ट्रीय स्वचलित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली नफीस एक केंद्रीकृत डाटाबेस है जो अपराधियों की पहचान में मदद करता है। इसकी व्यवस्था तो सभी थाने में थी, लेकिन मैनुअल होने के कारण इसकी मदद सिर्फ उसी थाने को मिलती थी जहां अपराधी का डाटाबेस हो। लेकिन, अब यह डाटाबेस सभी पुलिस थानों के लिए ऑनलाईन होगी।
पुलिस अधीक्षक रोमेंद्र मीणा ने बताया कि अपराधियों के फिंगरप्रिंट का डेटाबेस पहले से ही मैनुअल संरक्षित रखे जाते हैं। अब इसे मुख्यालय से मिले साफ्टवेयर के जरिये ऑनलाईन करने के निर्देश हैं। फीडिंग कराई जा रही है। इस व्यवस्था की मदद से अपराधियों के फिंगरप्रिंट ऑनलाईन मैच किए जा सकेंगे और अपराधियों तक पुलिस जल्दी पहुंच सकेगी।