महराजगंज। सीमावर्ती इलाकों में प्याज तस्करों का सिंडिकेट फिर सक्रिय हो गया है। बीते दिन 1600 किलो प्याज बरामद हुआ था। इसे पगडंडियों से होकर नेपाल ले जाने की कोशिश की जा रही थी। कैरियरों के माध्यम से प्याज नेपाल पहुंच रहा है।
भारत सरकार की ओर से प्याज निर्यात पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया गया है। बरामदगी के बाद प्याज तस्करी फिर सुर्खियों में है। तस्कर नेपाल पहुंचाकर दोगुना लाभ कमा रहे हैं। सूत्रों की माने तो भारतीय प्याज नेपाल पहुंच रही है। हालत यह है कि बीते 10 दिन में प्याज का रेट 10 रुपये बढ़ गया है। 25 रुपये में मिलने वाला प्याज अब 30 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।
पगडंडियों से होकर साइकिल पर प्याज की बोरियां लादकर नेपाल पहुंचाई जा रहीं हैं। नेपाल में प्याज की डिमांड बढ़ने से उपभोक्ता अधिक मूल्य पर प्याज खरीद रहे हैं। बाॅर्डर पार करते ही तस्करों को दोगुना लाभ मिलता है। नेपाल में पहले 50 रुपये में बिकने वाला प्याज अब 62 रुपये भारतीय मुद्रा में बिक रहा है। प्याज पर निर्यात के लिए सरकार की ओर से 20 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी भी है।
पहले से इसकी तस्करी जारी थी,। नेपाल में लोग मांसाहार ज्यादा पसंद करते हैं। उसके लिए प्याज की मांग अधिक है। इसलिए प्याज की तस्करी चरम पर है। तस्करी करके प्याज नेपाल जा रही है इसके चलते भारतीय क्षेत्र में भी उसकी कीमत बढ़ गई है।
इन दिनों नेपाल में प्याज का भाव थोक में भारत की तुलना में दोगुना है। तस्कर इसका फायदा उठाने में लगे हैं। पगडंडियों के रास्ते प्याज को आसानी से नेपाल पहुंचाकर मोटी रकम अर्जित कर रहे हैं।
छह माह से प्याज की तस्करी काफी बढ़ गई है। सीमावर्ती गांव के गोदाम में डंप प्याज कैरियर बाइक व साइकिल से इसे सीमा पार पहुंचाते हैं। तस्करी करके प्याज नेपाल जा रही है। इसके चलते भारतीय क्षेत्र में भी उसकी कीमत बढ़ गई है। जिले के सीमाई बाजारों में पहले प्याज 20 रुपये किलो बिक रहा था। केवल 10 दिनों में यह 10 रुपये प्रतिकिलो से बढ़कर 30 रुपये हो गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि बीते दिन बरामदगी हुई थी। सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की जा रही है।