महराजगंज। एक जिला एक उत्पाद की तर्ज पर किसानों के लिए एक ब्लॉक एक फसल की शुरुआत कर उन फसलों के उत्पादन को गति देने की तैयारी है। हर ब्लॉक में प्रमुख रूप से पैदा होने वाली फसलों का चयन किया जाएगा। इससे ब्लॉकों को पहचान मिलेगा। विभाग ने हर ब्लॉक से फसलों का चयन कर शासन को सूची भेज दी है।
जिले के उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक जिला एक उत्पाद योजना की शुरुआत की थी, जिससे जिले में बहुतायत और प्रसिद्ध उत्पादों को बढ़ावा दिया गया। महराजगंज जनपद में वन्य क्षेत्र की अधिकता के कारण ओडीओपी में फर्नीचर का चयन किया गया था। इसके बाद यहां के निर्मित फर्नीचर की धाक पूरे देश में मजबूत हुई। यह केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना थी, जिसके जरिए हर जनपद को एक अलग पहचान मिली।
इसी तर्ज पर अब राज्य सरकार ने किसानों के लिए एक ब्लॉक एक फसल योजना की शुरुआत की है। जिले में हर क्षेत्र की मिट्टी और पैदावार अलग-अलग होती है। जलवायु व मिट्टी की उर्वरता के अनुसार ही किसान फसलों का उत्पादन करते हैं। महराजगंज जनपद की बात करें तो यहां पैदा होने वाली सब्जियों की डिमांड काफी है। सब्जियां आसपास के जनपदों तक सप्लाई की जाती हैं।
फरेंदा ब्लाॅक में उगाई जाने वाली मिर्च की बिक्री तो गोंडा, लखनऊ तक होती है। योजना लागू होने से किसानों को अपनी फसलों का उचित दाम तो मिलेगा ही, साथ ही फसलों को बाहर भेजने पर मुनाफा भी हो सकेगा। इसी को देखते हुए हर ब्लॉक में पैदा होने वाली प्रमुख फसलों का डाटा शासन ने मांगा था, जिसे उद्यान विभाग ने सूची भेज दी है।
शासन को भेजी गई ब्लाॅकवार फसलों की सूची
महराजगंज-पत्तागोभी, परतावल-कद्दू वर्गीय, पनियरा-केला, घुघली-केला, गोभी, मिठौरा-मेंथा, सिसवा-हल्दी, निचलौल-केला, फरेंदा-शिमला मिर्च, बृजमनगंज-ब्रोकली, धानी-मेंथा, नौतनवा-कद्दू वर्गीय सेम, लक्ष्मीपुर-कद्दू वर्गीय तरोई।
एक ब्लॉक एक फसल योजना के तहत पिछले दिनों हर ब्लॉक की प्रमुख फसलों के बारे में शासन से सूचना मांगी गई थी। सर्वे के बाद ब्लॉकवार फसलों की सूचना भेज दी गई है। आगे जो निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।
-संजय कुमार रस्तोगी, जिला उद्यान अधिकारी