महराजगंज। शासन के निर्देश पर जनपद की वक्फ संपत्तियों को खोजकर पोर्टल पर लोड किया जा रहा है। जिला अल्पसंख्यक विभाग ने अपने स्तर से महराजगंज की 610 वक्फ संपत्तियों की सूची तहसील को सौंपी है। तहसील स्तर से वक्फ संपत्तियों की तहसीलवार सूची बनाई जा रही है। इस कार्य में लेखपालों को लगाया गया है, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी जनपद की कुल वक्फ संपत्तियों की संख्या का पता नहीं लग पाया है।
वर्ष 1989 से पहले महराजगंज, गोरखपुर जनपद का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन 1989 में गोरखपुर से काटकर महराजगंज जनपद बनाया गया। जिला बनने से पहले तक वक्फ की संपत्तियां गोरखपुर के नाम अंकित हैं। जिला बनने के बाद महराजगंज की वक्फ संपत्तियों की तलाश कर पोर्टल पर लोड करने के लिए कार्य शुरू हुआ। जिला अल्पसंख्यक विभाग ने गोरखपुर की सूची से छांटकर 610 वक्फ संपत्तियों की सूची तहसील को सौंप दी। इसके बाद तहसीलवार वक्फ संपत्तियों को छांटकर पोर्टल पर लोड करने का कार्य किया जा रहा है। वक्फ संपत्तियों का पता लगाने में लेखपालों को भी लगाया गया है।
वक्फ संपत्तियों की जांच कराकर सूचना मांगी जा रही है। इस कार्य में लेखपालों को लगाया गया है। पुराना गजट और नया गजट का मिलान कराया जा रहा है, जो संपत्तियां जांच में मिल रही हैं उसे पोर्टल पर लोड किया जा रहा है।
-जनार्दन, रजिस्ट्रार कानूनगो
गोरखपुर की सूची से महराजगंज की वक्फ संपत्तियों को अलग कर पोर्टल पर लोड करने के लिए शासन ने निर्देश दिया है। गोरखपुर सूची से महराजगंज के वक्फ संपत्तियों को छाटा गया। इसमें 610 के आसपास महराजगंज में वक्फ संपत्तियां मिली हैं, लेकिन वक्फ संपत्तियों की संख्या इससे भी अधिक है। वक्फ संपत्ति की सही स्थिति जानने के लिए तहसील को लिखा गया है।
-नीरज कुमार अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी