- करीब सवा पांच एकड़ में से दो-दो एकड़ जमीन सच्चाराम ने दोनों बहुओं में बांट दिया था
- बाकी बची जमीन मृतक हे अपने पास रखा था, इसी को लेने की फिराक में थी बड़ी बहू
फरेंदा। फरेंदा थानाक्षेत्र के सोनबरसा गांव में बुजुर्ग की हत्या की वजह पुरखों की करीब सवा एकड़ जमीन को बताया जा रहा है। पुलिस की तफ्तीश व मृतक की छोटी बहू के आरोपों के अनुसार तो सच्चाराम गुप्ता के मालिकाना हक की जमीन को लेकर बड़ी बहू से आए दिन उनका विवाद होता रहता था।
जानकारी के अनुसार, सोनबरसा निवासी सच्चाराम गुप्ता के दो बेटे सुख्खू गुप्ता व विजय गुप्ता हैं। छोटा बेटा विजय सउदी अरब में आजीविका कमाता है और बड़ा बेटा करीब 20 वर्ष से घर से लापता है। सच्चाराम गांव के मंदिर पर रहकर पूजा पाठ करते थे जबकि बहू शोभा गुप्ता गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं।
परिजन के अनुसार, सच्चाराम के पास कुल सवा पांच एकड़ जमीन थी। कई दिनों से दोनों बहुएं गांव के ही अलग-अलग मकान में रहती थीं। वहीं, सच्चाराम पैतृक मकान में रहते थे। जब दोनों बहूएं अलग-अलग मकान में रहने लगीं तो सच्चाराम ने सवा पांच एकड़ जमीन में से दो-दो एकड़ जमीन दोनों बहुओं के नाम कर दिया। बाकी बचा करीब सवा एक एकड़ जमीन अपने पास रखी।
इसी सवा एकड़ जमीन को लेकर मृतक व उसकी बड़ी बहू शोभा गुप्ता के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पैतृक जमीन को अपने नाम कराने के लिए बड़ी बहू ससुर पर लगातार दबाव बना रही थी। आरोप है कि ऐसा न करने पर जान से मारने के लिए धमकी भी दे रही थी। जबकि सच्चाराम सवा एकड़ जमीन दोनों बेटों के बीच बराबर बांटना चाहते थे। घटना के एक दिन पहले भी ससुर व बड़ी बहू के बीच में विवाद हुआ था। उसके अगले दिन सुबह ससुर का शव मिला।
रात से ही धोए जा रहे थे हत्या के सबूत, पुलिस को बरगलाने की हुई कोशिश
सच्चाराम की हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश भरपूर कोशिश की। चर्चाओं के अनुसार, सच्चाराम की हत्या उनके घर पर ही की गई थी। बृहस्पतिवार की रात में बरामदे में बुजुर्ग के सिर पर डंडे से मारकर सिर फोड़ दिया गया। इसके बाद धारदार हथियार से काट कर उनकी हत्या कर दी गई। फिर लाश को घटनास्थल से 100 मीटर दूर स्थित खेत में फेंक दिया गया। गांव वालों ने पूछताछ में बताया कि हत्या के बाद रात से ही फर्श पर पड़े खून के छींटे को धोने की कोशिश की गई। वाइपर से फर्श को कई बार धोया गया ताकि फर्श पर पड़े खून के छींटे न दिखें। लेकिन सुबह होते ही खून के धब्बे पर सबकी नजर पड़ गई। बड़ी बहू शोभा ने ही ससुर की हत्या की सूचना शुक्रवार की सुबह करीब छह बजे डायल 112 को दी थी। पहले तो उसने पुलिस को बरगलाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने जब सख्ती की तो वह टूट गई।