महराजगंज। निचलौल-तहसील के नवीन मंडी गड़ौरा एक्ट में सड़कों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ सड़क का निर्माण किया जा रहा है तो दूसरी तरफ सड़क से बजरी उखड़ती जा रही है। इससे लेकर स्थानीय लोग कार्यदायी संस्था और जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
नवीन मंडी गड़ौरा एक्ट निचलौल में प्रतिदिन लगभग दो दर्जन से अधिक ग्राम सभाओं से हजारों की संख्या में किसान, व्यापारी और आमजन पहुंचते हैं। लंबे समय से जर्जर पड़ी सड़कों के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
ऐसे में जब मंडी की सड़कों के निर्माण कार्य की शुरुआत हुई तो स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी कि अब मंडी परिसर की सूरत बदलेगी और आवागमन सुगम होगा। निर्माण कार्य में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता को देखकर लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
सुभाष कसौधन, पन्नेलाल गुप्ता, तूफानी साहनी, विजय मल्ल और अन्य ने बताया कि स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में बेहद निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिसके चलते सड़क बनते समय ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है। इससे साफ जाहिर होता है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है।
लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क पर विभागीय अधिकारियों की निगरानी न के बराबर है।
यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं की गई तो यह सड़क कुछ ही समय में पूरी तरह खराब हो सकती है और सरकारी धन का दुरुपयोग होने की आशंका बढ़ जाएगी। गुणवत्ताविहीन कार्य को देख स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है।
स्थानीय व्यापारियों व किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए और अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ताकि मंडी परिसर में टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण सड़क का निर्माण सुनिश्चित हो सके।