हनुमान मंदिर परिसर में पुजारियों की हुई बैठक
चौक बाजार। अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम को लेकर रविवार को परसामीर स्थित हनुमान मंदिर परिसर में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पुजारियों को बाल विवाह रोकने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी कन्हैया यादव के निर्देशन और पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के निदेशक फादर शाजी जोसेफ भी मौजूद रहे। इस दौरान बाल विवाह रोकने का संकल्प लिया गया।
बैठक में उपस्थित पुजारियों ने बाल विवाह रोकने में प्रशासन का सहयोग करने का संकल्प लिया। बैठक में संस्था के बाल संरक्षण कार्यकर्ता आनंद कुमार ने बताया कि 17 से 19 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर समुदाय के महिला-पुरुषों, युवाओं, मैरिज हॉल संचालकों, टेंट मालिकों और पुजारियों को बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानून के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
बाल कल्याण पुलिस अधिकारी कन्हैया चौकी मिठौरा ने कहा कि यदि लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम है, तो वह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दो वर्ष तक का कठोर कारावास और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। मंदिर के पुजारी संपूर्णानंद ने कहा कि अक्षय तृतीया पर बड़ी संख्या में विवाह होते हैं, इसलिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि कोई भी बाल विवाह न हो सके।
उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी सूचना पर तत्काल पुलिस और संबंधित हेल्पलाइन को अवगत कराया जाएगा। बैठक में उपस्थित पुजारियों ने बाल विवाह के खिलाफ अभियान की सराहना करते हुए संकल्प लिया कि भविष्य में कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर वे तत्काल प्रशासन और हेल्पलाइन को जानकारी देंगे। इस अवसर पर कृष्ण मोहन, राम रक्षा, नरसिंह, हरगी, रंभा, सुनीता मौजूद रही।