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Maharajganj News: शिलान्यास के 13 माह टूटी अफसरों की नींद, शुरू हुई नींव की खोदाई

Mon, 20 May 2024 02:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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-28 अगस्त 2021 में आई बाढ़ में गिरा था पुल, नौ अप्रैल 2023 को हुआ था शिलान्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बकुलडिहा का ध्वस्त पुल शिलान्यास के 13 माह बाद अब बनना शुरू हुआ है। चार दिन पहले से जेसीबी से नींव की खोदाई हो रही है। किनारे पर मिट्टी फैली है। क्षेत्र के लोगों के कहना है कि बरसात का मौसम करीब आते देखकर अफसरों ने गंभीरता बरती है, लेकिन काम तेज गति से नहीं हुआ तो पुल नहीं बन पाएगा। करीब चार साल पहले बाढ़ में पुल टूट गया था। इसके बाद से अब तक करीब 30000 की आबादी को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं।
जानकारी के अनुसार, 28 अगस्त वर्ष 2021 में आई बाढ़ में बकलुडिहा का पुल गिरा था। इसके बाद से लोगों को आने-जाने में दुश्वारियां होने लगीं। दो साल बाद जिम्मेदारों ने सुधि ली तो नौ अप्रैल 2023 को शिलान्यास कर अधिकारी खामोश हो गए। निर्माण की लागत 216.7 लाख है। लोगों को लगा की जल्द दुश्वारियां दूर हो जाएंगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। शिलान्यास का पट्ट भी अराजक तत्वों ने गिरा दिया। इस बीच चार दिन पहले खोदाई शुरू हुई है।
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रविवार को जेसीबी से खोदाई की जा रही थी। लोगों ने कहा कि जिस गति से काम शुरू हुआ है, इस बार फिर बरसात का मौसम आ जाएगा। तीन गांवों की 30 हजार आबादी को सीधे समस्या हो रही है। गांव के लोगों को 18 किलोमीटर अधिक दूरी तय कर ठूठीबारी आना-जाना पड़ रहा है। बकुलडीहा, स्कूल टोला, लाला टोला, नदी टोला, बसहवां टोला, बिसौली, चौमुखवां, सुकरहर, आदि गांव के लोगों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने में परेशानी होती है।
बकुलडिहा गांव के अखिलेश यादव, हरेंद्र सहानी, बबलू गोंड ने बताया की बकुलडिहा लाला टोला पर जब पुल था, उस रास्ते बोदना होते हुए मात्र 10 किलोमीटर दूरी तय कर आसानी से ठूठीबारी पहुंच जाते थे, अब पुल गिरने से ठूठीबारी जाने के लिए ओडवलियां होते हुए 18 किलोमीटर की दूरी तय कर ठूठीबारी जाना पड़ रहा है।

तुरकहिया में 12 करोड़ से बन रहा फायर स्टेशन अधूरा
निचलौल तहसील क्षेत्र के तुरकहिया में 12 करोड़ की लगात से बन रहा फायर स्टेशन अधूरा है। प्रशासनिक भवन कर तैयार है। बिजली का काम नहीं हुआ है। दूसरे भवन में जरूरी काम नहीं हुए हैं। कर्मी आवास और पानी की टैंक बननी है। वर्ष 2022 में निर्माण शुरू हुआ, लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ। करीब छह माह पहले की इसकी समय सीमा पूरी हो गई है। कार्यदायी संस्था को तेजी से काम पूरा कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
उधर, फरेंदा में जमीन चिह्नित हो चुका है, लेकिन प्रस्ताव शासन में अटका है। नौतनवा फायर स्टेशन के लिए प्रस्ताव डीपीओ बनाकर भेज दिया गया है। करीब 13 करोड़ की लागत का अनुमान है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी जसबीर सिंह ने बताया कि तुरकहिया में बन रहे फायर स्टेशन का प्रशासनिक भवन जुलाई का हैंडओवर होने की संभावना है। कार्य तेजी से कराने के लिए निर्देशित किया गया है।

पुल नहीं बनने से परेशानी हो रही है। पता नहीं कब तक यह बनकर तैयार होगा। आनन फानन में नींव की खुदाई हो रही है। अगर तेज गति से काम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में समस्या होगी।
-सदीक, बकुलडिहा

मुख्य मार्ग तक जाने के लिए चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। इन दिनों में समस्या हो रही है। पुल निर्माण में देरी होने से समय पर काम पूरा होना मुश्किल लग रहा है।
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-राकेश, बकुलडिहा

पुल का स्टीमेट रिवाइज होने के कारण ज्यादा समय लग गया है। क्योंकि जलभराव क्षेत्र में पुल बनाने के लिए कई जरूरी बिंदुओं पर ध्यान देना जरूरी होता है। बरसात से पहले पुल बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है।
-गंगा सागर यादव, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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