इस मौके पर संस्थान के निदेशक राजेश मणि त्रिपाठी ने मानव तस्कर और उनके बहकावे में आकर सीमा पार कर रहे लड़के/लड़कियां संदिग्ध हालत में रोकने के बाद उनसे पूछताछ की बारीकियों को विस्तार से बताया। इस दौरान जवानों को आने वाली दिक्कतों की जानकारी ली। कहा कि भारत नेपाल सीमा से हो रही मानव तस्करी को रोकने के लिए आपसी समन्वय बनाते सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों को आम लोगों के सहयोग से एक साथ मिलकर काम करना होगा। इससे इस गंभीर समस्या पर रोक लगायी जा सके। इस कार्यशाला में एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट भी शामिल रही।
इस मौके पर डिप्टी कमांडेंट मनीष कुमार, असिस्टेंट कमांडेंट सौरभ कुमार, एन्टी ह्युमन ट्रैफिकिंग यूनिट महराजगंज के प्रभारी रफीक अहमद खान, दिग्विजय सिंह और एसएसबी के जवान मौजूद रहे।