महराजगंज। जनपद की आबोहवा में 14 अप्रैल से हर दिन शहनाई गूंजने लगी है। लग्न मुहूर्त शुरू होने से सहालग का दौर तेज है, जिससे तपती गर्मी के बीच भी बाजार गुलजार दिख रहे है और शादी विवाह के जरूरी सामान की खरीद हो रही है। सहालग ने ओडीओपी में शामिल जिले के फर्नीचर उद्योग को संजीवनी दी है।
जिले के कारोबारी सिर्फ आसपास के जनपदों में ही नहीं बल्कि गैर प्रांत में भी जिले में तैयार फर्नीचर की चमक बिखेर रहे हैं। सर्वाधिक मांग 60 हजार रुपये की रेंज में उपलब्ध फर्नीचर सेट की है, जिसमें बिटिया की विदाई में दिए जाने वाले सभी फर्नीचर समाहित हैं। जनपद में वन क्षेत्रों का दायरा अधिक है साथ-साथ काश्तकारों ने भी बड़े पैमाने पर सागौन और शीशम लगा रखे हैं जो समय-समय पर किसानों के लिए नकदी का इंतजाम करते हैं।
जिले के साखू, सागौन और शीशम की इमारती लकड़ियां दूर तक ख्यातिलब्ध हैं। शायद यही कारण रहा कि एक जनपद एक उत्पाद के दायरे में यहां से फर्नीचर उद्योग शामिल हो सका। शासन के सहयोग एवं उद्योग विभाग के मार्गदर्शन में यह उद्योग तेजी से आगे बढ रहा है। इन दिनों सहालग का दौर तेज होने के कारण शादी विवाह के आयोजनों की अधिकता है जिससे फर्नीचर बाजार को अतिरिक्त संजीवनी मिल रही है। यहां के फर्नीचर आसपास के जनपद ही नहीं बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली व हरियाणा तक अपनी चमक बिखेर रहे हैं।
कीमत के साथ उम्दा लकड़ी की देते हैं गारंटी
जनपद के फर्नीचर कारोबारी दीपक गुप्ता बताते हैं कि तय कीमत व उम्दा लकड़ी के प्रयोग की गारंटी देते हैं। आर्डर अधिक होने पर 10 से 15 फीसदी की छूट एवं इंस्टालमेंट भुगतान की सुविधा से दूर के आर्डर भी खूब मिल रहे हैं। शादी सेट की मांग बहुत अधिक है। इसे लोग बेटियों की विदाई में देकर परंपरा का निर्वहन करते हैं। यह सेट मात्र 60 हजार रुपये में उपलब्ध है। इसमें सोफा सेट, बेड, ड्रेसिंग टेबल, ड्रेसिंग किट के साथ दो छोटे स्टूल शामिल रहते हैं। क्वालिटी व कलात्मकता के आधार पर बेड 10 हजार से एक लाख रुपये, सोफा सेट 20 हजार से 80 हजार रुपये, डायनिंग टेबल 15 से 75 हजार रुपये की रेंज में उपलब्ध है। गैर जनपदों के कारोबारी भी जनपद से बुकिंग मंगाते हैं। इस सीजन की बात करें तो उनके यहां से 8 शादी सेट बिक चुके हैं साथ ही इतनी ही बुकिंग भी हो चुकी है। मई में लग्न अधिक हैं जिससे बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है।
आभूषण बाजार में ठोस व वजन में हल्के जेवरों की मांग
सहालग के मद्देनजर आभूषणों का कारोबार भी उछाल पर है। मांगलिक आयोजन में खुद के पहनने के साथ बेटियों के लिए जेवर की खरीद तेज है। कारोबारी राजकुमार वर्मा ने बताया कि सोने का रेट बढने का असर आभूषणों के वजन पर पड़ा है। वजन में हल्के व देखने में ठोस जेवरात अधिक डिमांड में हैं। कारोबारी विवेक वर्मा ने बताया कि इस समय वजन नहीं बल्कि बनावट व डिजाइन के मुताबिक सोने के जेवरो की मांग है। डिजाइन दिखाकर उसी तरह के जेवरातों की मांग ग्राहक कर रहे हैं जिससे बाहरी जिलों से इसको बनवाना पड़ रहा है। सर्राफा कारोबारी गोविंद ने बताया कि लग्न शुरू होने के बाद से आभूषणों की बिक्री बढ़ी है।