सोनौली। रूपनदेही जिले के मेडिकल कॉलेज और अन्य संस्थानों में वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर नर्स एसोसिएशन की हड़ताल बृहस्पतिवार को पांचवें दिन भी जारी रही। नर्सों के काम पर नहीं होने की वजह से मरीजों को लौटना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरकार द्वारा निर्धारित वेतन लागू करने की मांग की है।
एसोसिएशन ने कहा कि अस्पतालों के मामले में वर्तमान अंतरिम सरकार ने बीते माह न्यूनतम वेतन सुविधा लागू करने के निर्देशों की अनदेखी की है। एसोसिएशन के अनुसार, अधिकांश स्वास्थ्य संस्थानों ने अभी तक नेपाल सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन और सुविधाओं को लागू नहीं किया है। स्वास्थ्य कर्मियों की शिकायत है कि उन्हें 15,000 रुपये से कम वेतन पर काम करना पड़ रहा है, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र में पांचवें स्तर का वेतनमान 34,000 रुपये तक है। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि देश भर के सरकारी, निजी और सामुदायिक अस्पतालों में काम करने वाली नर्सें और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी न्यूनतम वेतन सुविधा लागू करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
बताया गया है कि नर्सों की मांगों को पूरा करने के लिए सभी सात प्रांतों में सरकार ने टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गठित समिति मौके पर निगरानी रखेगी और सुझावों के साथ एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति ने पर्व की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए वर्चुअल माध्यम से अध्ययन और समन्वय करने का निर्णय लिया है। यूनिवर्सल कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज, भैरहवा के सूचना अधिकारी सुशील गुरुंग ने बताया कि नर्सिंग एसोसिएशन की वेतन सहित अन्य मुद्दों को लेकर हड़ताल जारी है। सरकार से वार्ता जारी है।