ब्लाॅक कर्मियों में निराशा, जैसे-तैसे बीता त्योहार, उपायुक्त ने बताया कंपनी को जिम्मेदार
जनपद के 150 मानदेय कर्मियों की होली फीकी रही
महराजगंज। ग्रामीण क्षेत्र की आधी आबादी को सशक्त बनाने में योगदान दे रहे एनआरएलएम संविदा कर्मियों को होली के त्योहार में मानदेय नहीं मिला। इसके कारण जनपद के 150 मानदेय कर्मियों की होली फीकी रही। जबकि शासन की तरफ से स्पष्ट निर्देश था कि होली से पहले सभी विभाग के कर्मचारियों का वेतन जारी कर दिया जाए।
उपायुक्त एनआरएलएम का कहना है कि उनके यहां से 27 फरवरी को वेतन स्लिप चली गई लेकिन स्लिप जाने के बाद भी सिर्फ जनपद कार्यालय का वेतन ही होली से पहले पहुंचा, बाकी का वेतन कंपनी की तरफ से ही नहीं जारी किया गया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का काम जिले में एनआरएलएम उपायुक्त के निर्देशन में संचालित है। इसमें सर्वाधिक बेहतर कार्य सदर में देखा जा रहा है। इस सफलता में ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। इसके बावजूद लगभग 150 मानदेय कर्मियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है।
विभाग व कर्मियों को उम्मीद थी कि शासन के निर्देश पर होली पूर्व वेतन जरूर प्राप्त हो जाएगा लेकिन उम्मीद धराशायी रही और उधार के सहारे कर्मचारियों को होली मनाने का इंतजाम करना पड़ा।
वर्जन
जिला स्तरीय कार्यालय के कर्मी सीधे एनआरएलएम से जुड़े हैं। अन्य ब्लाॅक स्तरीय कर्मी मानदेय कर्मी के रूप में हैं जिनका वेतन तैनाती कराने वाले कंपनी को भेजा जाता है। पिछले तीन माह से वेतन नहीं दिया गया है तो यह गलत है। कंपनी के जिम्मेदारों से जवाब मांगा जाएगा कि शासन के निर्देश के बाद भी मानदेय क्यों नहीं वितरित हुआ।
-मो. जाकिर, उपायुक्त एनआरएलएम, महराजगंज