महराजगंज। सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों को महंगी ब्रांडेड दवाओं के लिए अपनी जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी। मरीजों को सस्ती व गुणवत्तायुक्त उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है।
इस व्यवस्था के तहत चिकित्सकों को अब केवल जेनेरिक दवाएं ही लिखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले में 17 सामुदायिक व 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सकों की ओर से पहले मरीजों को ब्रांडेड दवाएं लिखी जाती थीं, जिसके कारण मरीजों को अधिक खर्च करना पड़ता था। कई बार मरीजों को मजबूरी में महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती थी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर बोझ पड़ता था।
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि सभी सीएचसी अधीक्षकों और पीएचसी प्रभारियों को जेनेरिक दवाएं और जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध दवाएं लिखने के लिए प्रेरित किया जाए।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाओं का वितरण किया जा रहा है। यदि अस्पताल में कोई दवा उपलब्ध नहीं है, तो चिकित्सकों को जेनेरिक दवाएं लिखने होंगे। पहले भी इस तरह के निर्देश जारी किए गए थे लेकिन कई चिकित्सक अभी भी ब्रांडेड दवाएं लिख रहे थे जिसके खिलाफ अब सख्ती बरती जाएगी।