महराजगंज। अब मनरेगा श्रमिक या गांव के किसी घर में बिटिया का जन्म होता है तो उस घर में बधाई बजेगी। साथ ही बिटिया के नाम पर पांच पौधे भी रोपे जाएंगे।
पौधों की उपलब्धता ग्राम पंचायतों को मनरेगा से करना होगा। इसके लिए पौधशाला से करार खंड विकास कार्यालयों के माध्यम से होगा जहां से निशुल्क पौधे ग्रामीणों और श्रमिकों को उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक वित्तीय सत्र में पौधशाला का भुगतान मनरेगा प्रस्ताव से किया जाएगा। इसे प्रभावी करने के लिए उपायुक्त मनरेगा की तरफ से सभी खंड विकास अधिकारियों और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र जारी किए गए हैं।
एक वृक्ष 100 पुत्र समान का स्लोगन मनरेगा बदलने जा रहा है। अब एक पुत्री दो कुल उत्थान का नारा बुलंद किया जाएगा। ग्राम पंचायत अथवा मनरेगा श्रमिकों के घर बेटी के जन्म लेने पर पांच पौधे न सिर्फ रोपे जाएंगे बल्कि इन पौधों के संरक्षण व देखरेख की जिम्मेदारी भी मनरेगा की होगी। यह पौधे गांव की नहर के किनारे, तालाबों के पास, पशुचर, गोशाला, स्कूल, खेल मैदान पंचायत भवन, मुख्य मार्गों के किनारे रोपे जा सकेंगे।
पौधों की उपलब्धता ब्लाॅक कार्यालयों को करनी होगी, जिसके लिए वह अपने क्षेत्र की पौधशाला से अनुबंध करेंगे और वित्तीय सत्र की समाप्ति से पूर्व पौधशाला से दिए गए संख्या के आधार पर प्रस्ताव देकर मनरेगा से भुगतान कराएंगे। एक अप्रैल से इसे प्रभावी करने का आदेश सभी बीडीओ को जारी कर दिया गया है।
मनरेगा से एक सार्थक सामाजिक पहल शुरू की जा रही है। इसमें बिटिया के जन्म पर पांच पौधे ग्रामीण मनरेगा श्रमिकों के साथ रोकेंगे। संरक्षण व रखरखाव मनरेगा से होगा। यह पर्यावरण सुरक्षा के साथ स्त्री-पुरुष अनुपात सामंजस्य के लिए भी कारगर पहल साबित होगी।
-करुणाकर अदीब, उपायुक्त मनरेगा