महराजगंज। निचलौल ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरगदही में मनरेगा का फर्जी कार्य दिखाकर सरकारी धन के बंदरबांट के मामले में कार्रवाई हुई है। डीएम अनुनय झा ने तत्कालीन एपीओ, प्रधान, लेखा सहायक, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, ग्राम विकास अधिकारी, कम्प्यूटर ऑपरेटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं सभी के वेतन भत्ते से 32,580 रुपये की कटौती करने का निर्देश दिया गया है।
बरगदही ग्राम पंचायत निवासी पूनम गुप्ता ने प्राथमिक स्कूल पिपरिया में दयानंद के घर से प्रेम नारायण के खेत तक नहर पटरी पर झाड़ी कटाई और मिट्टी कार्य में सरकारी धन का बंदरबांट का आरोप लगाया था। मनरेगा लोकपाल ने जांच में इसे सही पाया। जांच में सूचना के बाद भी एपीओ, तकनीकी सहायक, ग्राम विकास अधिकारी आदि नहीं उपस्थित हुए।
जांच में पुष्टि हुई की इस कार्य को अलग-अलग मस्टरोल के जरिए फर्जी हाजिरी, फर्जी फोटो इत्यादि के सहारे प्राप्त कर लिया। प्रधान ने भी अपने लिखित बयान में मिट्टी कार्य न होने की जानकारी दी। इसे गंभीरता से लेते हुए निचलौल के ग्राम विकास अधिकारी मो. अखलाक, तत्कालीन एपीओ रविंद्र बहादुर सिंह, कम्प्यूटर आपरेटर रवि कुमार, लेखा सहायक, तकनीकी सहायक केशव त्रिपाठी व अवधेश कुमार, रोजगार सेवक घनश्याम कन्नौजिया और प्रधान शैलेष पटेल के वेतन से 32580 रुपये की कटौती का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी की ओर से जारी पत्र में निचलौल बीडीओ को आदेश का अनुपालन कराने के लिए कहा गया है। एक सप्ताह में जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।