फरेंदा। राजस्व परिषद के सदस्य व जिले के नोडल अधिकारी डॉ. गुरदीप सिंह ने शनिवार को फरेंदा थाना व तहसील का निरीक्षण किया। तहसील के निरीक्षण के दौरान कई कमियां मिलीं। इस पर राजस्व परिषद के सदस्य ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से नाराजगी जताई। बैनामा के बाद फाइलों का खारिज - दाखिल समय से न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सही करने का निर्देश दिया।
थाने में पहुंचे नोडल अधिकारी ने पुलिस कर्मियों की उपस्थिति पंजिका के साथ अपराधों के विवेचना रजिस्टर, केस डायरी, सर्किल में तैनाती के साथ मुलजिमों के चार्ज शीट के बारे में जानकारी ली। वांछित अपराधियों के रजिस्टर न दिखने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने संग्रह अमीन कार्यालय में पहुंच कर बडे़ बकाएदारों के बारे जानकारी ली। उसके बाद आदान प्रदान रजिस्टर, वसूली रजिस्टर का सप्ताहिक वसूली के मूल्यांकन रजिस्टर से मिलान किया। अमीनों से कैश बुक मांगने पर नहीं मिला। जिस पर नाराजगी जाहिर की।
कानूनगो कार्यालय में अभिलेखों का निरीक्षण किया। आवंटन रजिस्टर, अमलदरामद, फैसले की फाइल, विक्रेता का बयान, लेखपाल की रिपोर्ट अभिलेख की जानकारी ली तो राजस्व विभाग की पोल खुल गई। नोडल अधिकारी ने कई अभिलेखों की मांग की, जिसे कर्मचारी नहीं उपलब्ध करा पाए। बैनामा होने के तीन महीने के बाद भी खारिज दाखिला होने वाली फाइलों में देरी देख भड़क उठे।
जुलाई के बैनामा का भी खारिज दाखिला अभी तक लंबित रहा, जबकि शासन का निर्देश है कि 45 दिन के भीतर बिना आपत्ति वाली फाइलों का खारिज दाखिला हो जाना चाहिए। राजस्व कर्मचारियों के लापरवाही की पोल डीएम के सामने खुल गई। इस दौरान डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह, एसपी आरपी सिंह, एडीएम आरपी कश्यप, सीएमओ डॉ. क्षमाशंकर पांडेय, एसडीएम आरबी सिंह, सीओ गौरव कुमार त्रिपाठी, तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान आदि मौजूद थे।