पानी का स्तर अधिक होने से रेस्क्यू अभियान में आ रही दिक्कत
बेटे की आस में नहर किनारे टकटकी लगाए बैठे रहे परिजन
मिठौरा। सिंदुरिया थाना क्षेत्र के जगदौर गांव के 11 वर्षीय रितेश विश्वकर्मा का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं चल सका। रविवार की शाम बड़ी नहर में डूबे मासूम की तलाश सोमवार को भी पूरे दिन जारी रही लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिली। एसडीआरएफ, एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार सर्च अभियान चला रही है। वहीं, अनहोनी की आशंका में परिजनों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। पूरे गांव में मातम का माहौल है।
ग्राम जगदौर निवासी संतोष विश्वकर्मा का पुत्र रितेश (11) रविवार की शाम अपने बड़े भाई के साथ सेमरा ढाला के सामने बड़ी नहर के किनारे भैंस चराने गया था। वह किसी काम से नहर के पास गया था लेकिन पैर फिसलने से तेज बहाव वाली नहर में गिर गया और देखते ही देखते पानी में लापता हो गया। घटना के बाद से लगातार राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
सोमवार को सुबह से ही एसडीआरएफ, एसएसबी और सिंदुरिया पुलिस की टीमें नहर में अलग-अलग स्थानों पर तलाश करती रहीं। गोताखोरों ने कई बार पानी में उतरकर खोजबीन की लेकिन देर शाम तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका। नहर किनारे बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे और अभियान पर नजर बनाए रहे।
रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि नहर में पानी का बहाव काफी तेज और जलस्तर अधिक होने के कारण तलाश अभियान में दिक्कत आ रही है। उनका कहना था कि यदि कुछ समय के लिए नहर का पानी कम कर दिया जाए तो बच्चे की तलाश करना काफी आसान हो सकता है। इस संबंध में संबंधित विभाग से भी समन्वय का प्रयास किया जा रहा है।
बार-बार बेसुध हो जा रही है रितेश की मां
उधर, रितेश की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेसुध हो जा रही हैं और हर आने-जाने वाले से अपने बेटे का हाल पूछ रही हैं। परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार भी नहर किनारे डटे हुए हैं। गांव की महिलाओं और ग्रामीणों द्वारा परिजनों को ढांढस बंधाया जा रहा है, लेकिन बेटे के लापता होने का गम पूरे परिवार को झकझोर गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चे की तलाश के लिए हर संभव संसाधन लगाए जाएं और नहर के जलस्तर को कम कराने की व्यवस्था की जाए, ताकि जल्द से जल्द मासूम का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि जब तक बच्चे का पता नहीं चल जाता, तब तक खोज अभियान लगातार जारी रहेगा।