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Maharajganj News: न स्टैंड, न सुविधा...फिर भी हर माह दे रहे 1200 रुपये

Sat, 13 Apr 2024 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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-जिम्मेदारों की मनमानी से परेशान ई-रिक्शा चालक होने लगे लामबंद, 30 की जगह ले रहे 40 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी

महराजगंज/निचलौल। शहर में ई-रिक्शा दौड़ाने के लिए नगर पंचायत की ओर से रोजाना निर्धारित फीस ली जा रही है। बगैर सुविधा के प्रति महीने चालकों को 1200 रुपये देने पड़ रहे हैं। इससे वह परेशान हो गए हैं और लामबंद होने लगे हैं। जब नगर पंचायत 30 रुपये फीस लेने की बात कह रहा है।
नगर पंचायत ई-रिक्शा चालकों के लिए पार्किंग सहित अन्य सुविधाएं भले ही मुहैया न करा पा रही हों, लेकिन उनसे रोजाना निर्धारित शुल्क प्रतिदिन वसूल कर ले रही है। शुल्क जमा करने के बाद ही चालक नगर पंचायत में ई-रिक्शा दौड़ा सकते हैं। ऐसे में ई-रिक्शा संचालकों को रोजाना 40 रुपये की रसीद कटवानी पड़ेगी।
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चालकों का कहना है, नया रिक्शा खरीदने के बाद एआरटीओ विभाग में इसका पंजीकरण करा चुके हैं। अब नगर पंचायत की सड़कों पर ई-रिक्शा दौड़ाने के लिए उनसे रोजाना 40 रुपये का शुल्क लिया जाता है। चालकों का कहना है कि यदि नगर पंचायत इस वसूली पर जल्द लगाम नहीं लगाती है, तो सभी चालक हड़ताल को मजबूर होंगे।

शुक्रवार को शहर के चिउटहा चौराहे पर खड़े ई-रिक्शा चालक सुरेंद्र भारती ने कहा की नगर पंचायत सुविधा के नाम पर भले ही कुछ दे नहीं पा रही है, लेकिन सुविधा के नाम पर रोजाना उनसे रुपये ले रही है। ऐसे में हम लोगों का कोई स्टैंड न होने की वजह से इधर-उधर वाहन खड़ा करके सवारियों का इंतजार करना पड़ता है। बिना सुविधा के यह टैक्स लगाना नियम विरुद्ध है।
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किसी भी दशा में नहीं देंगे टैक्स

ई-रिक्शा चालक अनिल कुमार ने कहा की ई-रिक्शा की संख्या ज्यादा होने के चलते सवारियां न के बराबर मिल पाती हैं। ऐसे में बड़ी मुश्किल से दिन भर में थोड़ी कमाई हो पा रही है। कहने में भले ही टैक्स की रकम छोटी हो, लेकिन यह हम लोगों के लिए ठीक नहीं है। नगर पंचायत के अधिकारियों को सोचना चाहिए। ई-रिक्शा चालक रमेश ने कहा की नगर पंचायत के ठेकेदार शहर में प्रवेश करते ही पहले 40 रुपये का पर्ची काटते हैं। फिर शहर में प्रवेश करने देते हैं।
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शासन के निर्देश पर नगर पंचायत की सड़कों पर चलने के लिए ई-रिक्शा चालकों को टैक्स देना होगा। प्रतिदिन दिन प्रति रिक्शा चालक से 30 रुपये शुल्क लिया जाता है। अगर ई-रिक्शा चालकों से कोई निर्धारित रकम से ज्यादा वसूली कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-शिवनाथ मद्धेशिया, अध्यक्ष, नगर पंचायत निचलौल
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