अड्डा बाजार। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला भगवान भरोसे चल रहा है। डॉक्टर बेपरवाह हैं। वहीं जिम्मेदार भी इसमें कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। रविवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। कई केंद्रों पर डॉक्टर नहीं पहुंचे। मरीज फार्मासिस्ट से दवा लेकर घर लौट गए। कई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिलने से मायूस होकर चले गए।
समय 11 बजे, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौतनवा में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले से डॉक्टर नदारद थे। फार्मासिस्ट सुरेंद्र कुमार दुबे व धीरेंद्र कुमार उपाध्याय मौजूद रहे।अस्पताल के बरामदे में कुछ मरीज बैठे चिकित्सक का इंतजार कर रहे थे, तो कुछ फार्मासिस्ट धीरेन्द्र कुमार उपाध्याय से चिकित्सक के आने की जानकारी ले रहे थे। महुअवा गांव की सुबराती ने बताया कि कमर व पैर में दर्द है। इलाज कराने आई थी लेकिन चिकित्सक नहीं मिले। परवेज ने बताया कि बुखार है चिकित्सक न होने से उनका इलाज नहीं हो पाया।
समय 11:35 बजे, न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पैसिया बाबू, चिकित्सा अधिकारी प्रवीण कुमार राय अस्पताल नहीं आए थे। उनका कमरा खुला था। फार्मासिस्ट मनोज कुमार वर्मा मरीज का इलाज कर रहे थे। वार्ड ब्वॉय गणेश गुप्ता पर्ची बना रहे थे। बताया गया कि होम्योपैथिक आयुष चिकित्सक डाॅ. विजय कुमार मौर्य की ड्यूटी न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धौरहरा के मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में लगी है।
परिसर में नईकोट स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का स्टाल लगा था। फार्मासिस्ट अनिल मणि त्रिपाठी और वार्ड ब्वॉय संजय शर्मा काउंटर पर थे। 10 मरीजों का इलाज हो चुका था, जिसमें बुखार और खुजली के मरीज अधिक थे। अस्पताल के बाहर इलाज कराकर लौट रहीं कौलहीं निवासी जैतून निशा (65) मिलीं। उन्होंने बताया कि हाथ टूट गया था, एक महीने पूर्व प्लास्टर कटा है, लेकिन सूजन और दर्द अभी बरकरार है। अस्पताल से यह कहकर लौटा दिया गया कि किसी हड्डी के डॉक्टर से इलाज करना पड़ेगा। बरवाकला निवासी अकाली (70) दवा लेकर बाहर निकलीं उन्होंने बताया कि पूरे शरीर में खुजली है। दवा मिल गई है।
सभी डॉक्टरों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था। अगर कहीं लापरवाही हुई होगी तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-राकेश सिंह, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर