विभाग के जिम्मेदार मरीजों की समस्याओं से बेखबर
30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना मरीजों की मजबूरी
निचलौल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हड्डी रोग के डॉक्टर की तैनाती नहीं है। इसके चलते मरीजों को अस्पताल पर बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हड्डी के मरीजों को 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है या फिर वह निजी अस्पतालों में जेब ढीली कर रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, ब्लॉक क्षेत्र के करीब 90,000 आबादी इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। यहां रोजाना ओपीडी में औसतन करीब 300 मरीज आते हैं। इसमें सभी प्रकार के मरीज शामिल रहते हैं। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है। मजबूरी में मरीज 30 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला अस्पताल जा रहे हैं या फिर निजी अस्पतालों में जेब ढीली कर रहे हैं। लोगों ने विभाग के जिम्मेदारों से अस्पताल में इसके लिए विशेषज्ञ की तैनाती करने की मांग की है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. ईश्वर शरण विद्यासागर ने कहा कि सीएचसी में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज किया जा रहा है। जिस रोग से संबंधित डॉक्टर नहीं हैं। उसकी जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है।
अस्पताल में इनकी है तैनाती
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. अंग्रेस सिंह ने कहा कि अस्पताल पर वर्तमान में सर्जन, एमडी, एनेस्थेसिया, बाल रोग, एमबीबीएस, महिला चिकित्सक, एलमओ की तैनाती है। ओपीडी में अस्पताल में आने वाले मरीजों का इनके जरिए इलाज किया जा रहा है।