महराजगंज। जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध न होने की वजह से अपार आईडी निर्माण में लेटलतीफी और समय की मांग अब प्रधानाध्यापक नहीं कर सकेंगे। बीएसए ने इस समस्या पर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समाधान करा दिया है। प्रमाणपत्र की अनुपलब्धता की स्थिति में आधार कार्ड के संरक्षित डेटा से कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है।
1705 परिषदीय स्कूलों में नामांकित 2.48 लाख विद्यार्थियों में अभी आधे विद्यार्थियों का अपार आवेदन नहीं हो सका है। इसे बनाने में समस्याएं आने की दलील प्रधानाध्यापक दे रहे थे। बीएसए ने इसपर महानिदेशक स्कूल शिक्षा से बात की, जिसके बाद निर्देश पत्र निर्गत कर दिया गया। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा के पत्र में अपार आईडी समस्याओं के निराकरण को लेकर निर्देश जारी किया है।
आदेश में स्पष्ट है कि अगर बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध है तो यू-डायस रिकॉर्ड में पोर्टल पर वही नाम और जन्मतिथि दिखाई जानी चाहिए, चाहे आधार आईडी में नाम कुछ भी दर्ज हो। यदि बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है और बच्चे को अन्य प्रासंगिक दस्तावेज के आधार पर प्रवेश दिया गया है तो आधार कार्ड आईडी के आधार पर यू-डायस में डाटा भरा जाएगा।
यदि नाम, आधार आईडी और जन्म प्रमाणपत्र एक ही है और यू-डायस में रिकॉर्ड अलग है तो जन्म प्रमाणपत्र के अनुसार यू-डायस में डाटा अपडेट किया जाएगा। जन्म प्रमाणपत्र और यू-डायस में रिकॉर्ड एक जैसा होने पर यदि जन्म प्रमाणपत्र और यू-डायस में बच्चे का रिकॉर्ड एक जैसा है, लेकिन आधार आईडी में अलग है तो सुधार आधार आईडी में किया जाना जाएगा न कि यू-डायस व डेटाबेस में।