प्राथमिक विद्यालय सदर द्वितीय का जर्जर भवन।संवाद
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महराजगंज बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चिह्नित किए गए कुल 224 जर्जर परिषदीय भवनों में से अभी तक 59 भवनों की नीलामी नहीं हो सकी है। नीलामी न होने से जहां जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण में समस्या आ रही है, वहीं 6000 से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2020-21 में जिले के सभी 12 ब्लॉकों में स्थित 224 परिषदीय भवनों को जर्जर पाया गया था। इसके बाद तकनीकी समिति की जांच में 13 भवनों के नीलामी योग्य न होने की बात कही गई। शेष बचे 211 में से 152 विद्यालय भवन की नीलामी हो चुकी है तथा अभी भी 59 भवन ऐसे हैं जिनकी नीलामी नहीं हो पा रही है।
इन विद्यालयों में भवन के नीलाम न होने से जहां समय से ध्वस्तीकरण का कार्य नहीं हो पा रहा है, वहीं औसतन 100 से अधिक की संख्या में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बैठने व बेहतर ढंग से शिक्षा ग्रहण करने में विभिन्न प्रकार की समस्या से जूझना पड़ रहा है। दो विद्यालयों की पड़ताल में यह स्थिति सामने आई।
केस एक
नगर के प्राथमिक विद्यालय सदर द्वितीय में जर्जर भवन की नीलामी अधिक मूल्य (बेसप्राइज) होने के कारण अब तक नहीं हो सकी। नीलामी के लिए 1.31 लाख का मूल्य निर्धारित किया गया था मगर तीन बार की बोली की प्रक्रिया में किसी ने इसे लेने में रुचि नहीं दिखाई। जर्जर भवन जहां जस का तस खड़ा है, वहीं 150 से अधिक बच्चों को शिक्षण कार्य में समस्या आती है।
केस दो
पनियरा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय कुआंचाफ में भी जर्जर भवन की अब तक नीलामी नहीं हो सकी है। एक लाख से अधिक मूल्य होने की वजह से उसकी नीलामी लेने के प्रति कोई रुचि नहीं दिखा रहा है। नीलामी न होने से न तो भवन ध्वस्त हो रहा है और न ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो पा रही है। इससे 150 से अधिक विद्यार्थियों को समस्या बरकरार है।
ब्लॉकवार इतने भवनों की नहीं हो सकी नीलामी
सदर ब्लॉक में 28, परतावल में 17, घुघली में छह, लक्ष्मीपुर में तीन, मिठौरा में दो, बृजमनगंज, नौतनवां व पनियरा में एक-एक भवन की नीलामी नहीं हो सकी है।
अधिक मूल्य के कारण भवन की नीलामी न होने से आ रही समस्या को दूर कराया जाएगा। नीलाम हो चुके भवनों को भी तीव्र गति से ध्वस्त कराए जाने की कवायद होगी। -वीरेंद्र सिंह, जिला समन्वयक निर्माण।