नेपाल धनुषा में मस्जिद में तोड़फोड़ और कुरान जलाने के विरोध में बीरगंज में रविवार को हिंसक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों के पुलिस चेकपॉइंट पर तोड़फोड़ करने के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और स्थिति सामान्य हो गई है। धनुषा की घटना सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट होने के बाद शुरू हुई, जिससे स्थानीय युवा नाराज हो गए।
धनुषा में मस्जिद में तोड़फोड़ और कुरान जलाने के विरोध में रविवार को बीरगंज में विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद पुलिस ने 5 राउंड आंसू गैस के गोले दागे। बीरगंज के मुस्लिम समुदाय ने शनिवार को धनुषा के कमला म्युनिसिपैलिटी में हुई घटना के विरोध में सड़कों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया था और प्रदर्शनकारियों के पुलिस पर पत्थर फेंकने और छपकैया पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ करने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
नेपाल की सड़कों पर उतरे युवा
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पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को काबू में करने के लिए जवाबी कार्रवाई की। परसा पुलिस डीएसपी राजू कार्की ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के पुलिस पर हमला करने के बाद 5 राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े गए। जिसके बाद स्थिति शांतिपूर्ण थी। फिर शाम को बीरगंज में घंटाघर और छपकैया समेत कई जगहों पर सुबह से ही विरोध प्रदर्शन हो रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने जनकपुर घटना के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह कहते हुए नारे भी लगाए कि अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। शनिवार को धनुषा के कमला म्युनिसिपैलिटी-6 के सखुवा मारन में मुस्लिम कम्युनिटी की एक मस्जिद में तोड़फोड़ की गई और धार्मिक किताबें जला दी गईं। पुलिस ने बताया कि यह घटना सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो से शुरू हुई।
हंगामे के बाद प्रशासन और लोगों के बीच बैठक हुई
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धनुषा पुलिस एसपी रुग्म कुंवर के मुताबिक, शुरू में दो मुस्लिम युवकों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें हिंदू कम्युनिटी के रक्षा बंधन त्योहार के बारे में नेगेटिव मैसेज दिया गया था। वीडियो जारी होने के बाद गुस्साए लोकल युवकों ने दोषियों के खिलाफ एक्शन की मांग करते हुए पुलिस स्टेशन घेर लिया।
पुलिस ने वीडियो पोस्ट करने वाले दोनों युवकों को तुरंत कस्टडी में ले लिया। जब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई कर रही थी, तभी युवकों का एक ग्रुप मस्जिद पहुंचा और उस पर हमला कर दिया। इसी घटना के विरोध में रविवार को बीरगंज में प्रदर्शन किया गया।