संवाद न्यूज एजेंसी
सोनौली। भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर पर इस बार मालवाहक ट्रकों का जाम 11 किमी तक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि वाहन तीन से चार दिन से लाइन में खड़े हैं। कुछ वाहन नेपाल से जरूरी प्रपत्र नहीं आने के कारण एक सप्ताह से खड़े हैं।
चालकों का कहना है कि यहां पहुंचने के बाद हम लोग फंस गए हैं। नेपाल पार्टी फोन नहीं उठा रही है। इधर ट्रांसपोर्ट वाला भी फोन उठाना बंद कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनौली से लेकर नौतनवा बनैलिया मंदिर के पीछे तक सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
भारत-नेपाल की सोनौली सीमा पर मालवाहक ट्रकों का इस बार जाम पर्व और सर्वर की समस्या को लेकर है। जबकि गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ किमी सड़क डबल लेन बन चुकी है। लेकिन नौतनवा रेलवे स्टेशन पर आने वाले माल और लोकल चालकों की कतार से निकल कर आगे पहुंचने के कारण बाहर से आने वाली गाड़ियों को नेपाल से प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन का एक लेन इन ट्रकों के कारण जाम हो चुका है। नेपाल में त्योहारों के सीजन में खाद्यान्न से लेकर हार्डवेयर व अन्य जरूरी वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है। सीजन नहीं होने पर सीमा पर सन्नाटा पसरा रहता है।
सीमा पर कई दिनों तक खड़े वाहनों की वजह से नेपाल के व्यापारियों की भी परेशानी बढ़ गई है। आर्डर का सामान और निकट नेपाल के दशहरा पर्व को लेकर चिंतित है। व्यापारी शुभम केडिया ने बताया कि भारत के मेंयुफेक्चरिंग से डीलरशिप लेने के बाद कांटेक्ट का माल उठाना ही होता है नहीं तो काम किसी और के हाथ में चला जाएगा। सीमा पर गाड़ी पहुंचने के बाद निर्यातक के पेमेंट से लेकर नेपाल कस्टम ड्यूटी और ट्रक भाड़े को लेकर परेशानी खड़ी हो जाती है।
नेपाल भंसार एजेंट संघ के पूर्व अध्यक्ष कृष्णा प्रसाद धिमिरे ने बताया कि सोनौली सीमा से प्रतिदिन आयात की संख्या घट रही है। पहले प्रतिदिन 600 ट्रक नेपाल आते थे अब यह संख्या 200 से 300 के करीब है। भारत सरकार ने चीनी, गेहूं, सहित दर्जन भर वस्तुओं के निर्यात पर रोक लगा दी है। नेपाल के बाजार में व्यापार नहीं हो रहा है।
कोतवाल अजित प्रताप सिंह ने बताया कि नेपाल भंसार विभाग के परिसर में सर्वर धीमे चलने के कारण जाम की स्थिति है।