महराजगंज। मोबाइल फोन अब स्मार्ट होकर मनोरंजन का सशक्त माध्यम बना है। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में मोबाइल से लेकर टैब व लैपटॉप लगातार देखने वाले मायोपिया के शिकार हो रहे।
चिकित्सकों के मुताबिक, स्क्रीन देखते समय लोग पर्याप्त पलक नहीं झपका रहे जिससे आंखों की नमी सूख रही और फिर खुजली जलन व धुंधलापन की दिक्कत हो रही। ओपीडी में आंखों की समस्या लेकर पहुंचे 18 रोगियों में से 8 महिलाओं में आंखों में धुंधलापन, जलन व खुजली की समस्या पाई गई। चिकित्सक ने जरूरी निर्देश व दवाओं का परामर्श दिया।
बुधवार जिला अस्पताल की ओपीडी में 834 रोगियों का उपचार हुआ जिसमें सर्वाधिक वायरल फीवर व पेट संक्रमण के रहे। इसके बाद सर्वाधिक संख्या आंख के मरीजों की रही। आंख समस्या से पीड़ित रोगियों का परीक्षण डाॅ. मनीष ने किया। बताया कि लगातार स्क्रीन देखने के कारण धुंधलेपन की समस्या आंख की नमी घटने से हो रही। मोबाइल फोन लोगों के दैनिक उपयोग का हिस्सा जरूर बन गया है लेकिन लगातार उपयोग नुकसानदायक साबित हो रहा। मोबाइल स्क्रीन लगातार देखने के कारण आंख की नमी सूखती है क्योंकि डिजिटल स्क्रीन से ऐसी अदृष्य तरंगें निकलती हैं जो आंख की नमी सूखती है। जिसके बाद जलन व खुजली व फिर धुंधलापन की दिक्कत हो रही जो मायोपिया का शुरुआती लक्षण है।
बताया कि सामान्यतः एक मिनट में 13 से 15 बार पलक झपकती है लेकिन जब मोबाइल स्क्रीन देखने के दौरान पलक दो से तीन बार ही पलक झपकती ऐसे में नमी कम होती जाती है।
एक स्तर के बाद जलन व खुजली की समस्या के बाद धुंधला दिखने की शिकायत शुरू हो जाती है। लोगों को विटामिन ए की अधिकता वाले खाद्य का उपयोग करने व दवा का परामर्श दिया जा रहा।