मैरिज हॉल परिसर में लटके बिजली के नंगे तार खड़े कर रहे सिस्टम पर सवालिया निशान
लटके बिजली के नंगे तारों से सुरक्षा के लिए मैरिज हॉल में नहीं था कोई प्रबंध
धानी बाजार। सिकंदराजीतपुर स्थित मैरिज हॉल में काम करते समय हाईटेंशन तार की चपेट में आकर गोरखपुर निवासी दिव्यांशु (16) की मौत ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर चलाए जा रहे मैरिज हॉल में शनिवार को एक अन्य किशोर राजन यादव गंभीर रूप से घायल हो गया है। दिव्यांशु गोरखपुर के थाना कैंपियरगंज स्थित गांव खड़खड़िया के टोला अमहवा का निवासी था।
बृजमनगंज थाना क्षेत्र के धानी-फरेंदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिकंदराजीतपुर में मैरिज हॉल सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर संचालित किया जा रहा है। लापरवाही का आलम यह है कि मैरिज हॉल परिसर में हाईटेंशन बिजली का तार जमीन से लगभग 10 से 12 फीट की ऊंचाई पर गुजर रहा है। खानापूर्ति के लिए बाउंड्री के अंदर लटके नंगे तारों को एक दो जगह कवर किया गया है, जबकि तार के अधिकांश हिस्से पर कवर है ही नहीं। शनिवार की घटना में लोहे की पाइप ले जाते समय उसका एक सिरा इसी नंगे तार में सटने से किशोर दिव्यांशु की मौत हो गई थी। मामले में मृतक के मां की तहरीर पर डेकोरेशन का काम कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
इस संबंध में पूछने पर बिजली निगम धानी बाजार के जेई आरके गौतम का कहना है कि विभाग ने दो बार मैरिज हॉल के लटके हुए हाइटेंशन तार को ऊंचा करने के लिए कर्मचारी और सामान को भेजा था लेकिन मैरिज हॉल के व्यवस्थापक ने कर्मचारियों को तार ऊंचा करने से मना कर दिया। मैरिज हॉल लगभग तीन वर्ष पहले बना है, जबकि हाईटेंशन तार से बिजली की सप्लाई वर्षों पहले से जारी है। जब तक जमीन खाली थी कोई दिक्कत नहीं थी।
व्यवस्थापक के मैरिज हॉल के लिए बाउंड्री खड़ा करने से बिजली के तार कैंपस के अंदर आ गए हैं। घटना के बाद मैरिज हॉल पर ताला बंद करके व्यवस्थापक और कर्मचारी फरार हो गए हैं। इस संबंध में मैरिज हाॅल व्यवस्थापक का पक्ष लेने की लगातार कोशिशें की गई मगर उनका फोन बंद मिला।