महराजगंज। रविवार को अष्टमी व नवमी तिथि एक साथ पड़ने के कारण हवन व कन्या पूजन के साथ चैत्र नवरात्र का समापन हो गया। नवरात्र के अंतिम दिन मंदिरों में भीड़ अधिक रही। नारियल, चुनरी, फूल इत्यादि से मां का आशीर्वाद लेने का उत्साह श्रद्धालुओं में देखा गया। अधिकतर लोगों ने मंदिरों में दर्शन-पूजन के बाद यज्ञ मंडप पहुंचकर हवन भी पूरा कराया और कन्या पूजन कर नवरात्र व्रत को पूरा किया।
जनपद में सर्वाधिक भीड़ फरेंदा आद्रवन लेहड़ा देवी में रही। यहां आसपास के जनपदों से भी लोग दर्शन के लिए जुटे देखे गए। 30 मार्च से चैत्र नवरात्र एक धार्मिक उत्सव की तरह प्रारंभ हुआ जो रविवार छह अप्रैल तक चला। इस समयावधि में किसी ने उपवास किया तो कोई माता के दर्शन-पूजन से समृद्धि का आशीर्वाद पाने के लिए तत्पर रहा। लेहड़ा मंदिर पर पहले दिन से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। यहां सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर और बस्ती जनपद से आए श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में हाजिरी लगाई। हर दिन बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों की भीड़ रही। सर्वाधिक भीड़ आखिरी दिन देखी गई। सुरक्षा में पुलिस व मंदिर प्रशासन के लोगों ने किसी तरह की असुविधा श्रद्धालुओं को नहीं होने दी। मंदिर के यज्ञशाला में पहले दिन से ही दुर्गा सप्तशती का सामूहिक पाठ सामूहिक कल्याण की कामना से किया गया। यहां आखिरी दिन देर शाम तक ब्राह्मणों ने हवन कराकर व्रत रखने वालों का उपवास समाप्त कराया। जिला मुख्यालय के दुर्गा मंदिर व कुड़ियां माता मंदिर में भी रविवार को भीड़ की अधिकता देखी गई। लोगों ने दर्शन के बाद हवन कराने के बाद मंदिर परिसर में कन्या पूजन कर हलवा पूरी का भोज भी कन्याओं का आशीर्वाद लेने के बाद नवरात्र व्रत का चल रहा उपवास समाप्त किया।
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दोपहर 12 बजते ही गूंज उठा, भये प्रकट कृपाला...
देवी मंदिरों के साथ-साथ चैत्र नवरात्र में अन्य मंदिरों में भी चहल-पहल देखी गई। रविवार को नवमी तिथि भी पड़ी, जिससे सदर के लक्ष्मी नारायण मंदिर, फरेंदा विष्णु मंदिर व नौतनवां, निचलौल व सिसवा के मंदिरों में भगवान राम का प्रकटोत्सव मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों की सफाई के बाद आकर्षक रूप से सजाया गया था। यहां सुबह 10 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होने लगी और लोगों ने रामचरितमानस पाठ में भी हिस्सा लिया। दोपहर 12 बजते ही भये प्रकट कृपाला दीन-दयाला के छंद गूंज उठे और लोगों ने उत्साह पूर्वक जय श्री राम का जयघोष कर एक दूसरे को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं।
घरों में भी कराया गया हवन पूजन
चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन घरों में हवन-पूजन के साथ कन्या पूजन आदि कार्यक्रम आयोजित हुए। बड़ी संख्या में लोगों ने नवरात्र पर उपवास व कलश स्थापना कराई थी, जिसका समापन घर पुरोहितों को बुलाकर कराया और उन्हें भोजन कराने के उपरांत दक्षिणा इत्यादि देकर विदा किया।
कारागार में हुआ अनुष्ठान
जिला कारागार में भी नवरात्र पूर्ण होने पर हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधीक्षक आशीष रंजन ने बताया कि इस बार बड़ी संख्या में हिंदुओं के साथ मुस्लिम बंदी भी व्रत रख रहे थे। आखिरी दिन कारागार परिसर में पुरोहित आमंत्रित कर हवन-पूजन संपन्न कराया, जिसके बाद बंदियों का व्रत संपन्न हुआ।