खतरे में नौनिहाल, स्कूलों में नहीं बाउंड्रीवाल
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महराजगंज। शिक्षा विभाग की आंकड़ों पर गौर करें तो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के इंतजाम पूरे नहीं हैं। जिले के 745 स्कूलों में चारदीवारी नहीं है। स्कूलों में छुट्टा पशु घूमते रहते हैं। इससे शिक्षकों व बच्चों के साथ ही अभिभावक भी परेशान रहते हैं।
जिले में 1478 प्राइमरी एवं 646 जूनियर हाई स्कूल हैं। दो लाख इक्कीस हजार छह सौ सैंतालिस विद्यार्थी इन स्कूलों में पढ़ते हैं। इनमें में एक लाख 75 हजार 401 विद्यार्थी प्राइमरी और 46 हजार 246 विद्यार्थी जूनियर हाई स्कूल में पढ़ते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार 485 प्राइमरी और 260 जूनियर हाई स्कूलों में चारदीवारी नहीं है। तमाम स्कूल तो ऐसे हैं, जिनके सामने व आसपास गड्ढे हैं। इन गड्ढों में इन दिनों पानी भरा हुआ है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय भुवना में चारदीवारी नहीं है। सामने गड्ढे में पानी एकत्र है, जिससे बच्चे कभी भी पानी में जा सकते हैं। साथ ही छुट्टा पशु भी स्कूलों के आसपास घूमते रहते हैं। प्रधानाध्यापक राकेश कुमार राय ने बताया कि चारदीवारी निर्माण के लिए रकम नहीं आया। इसके लिए कई बार मांग की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्राथमिक विद्यालय उसरहवां टोला में चारदीवारी नहीं है। प्रधानाध्यापक शैलेश कुमार ने कहा कि स्कूल में चारदीवारी होती तो सुरक्षा रहती लेकिन जो व्यवस्था है, उसी में बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। प्राथमिक विद्यालय खानपुर में वर्ष 2012-13 में चारदीवारी के लिए रकम आया था लेकिन समय से निर्माण न होने के कारण रकम वापस चला गया। प्रधानाध्यापक नितिन कुमार ने बताया कि स्कूल में चारदीवारी जरूरी है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर विभाग जरा भी गंभीर नहीं है। स्कूलों में चारदीवारी न होने से छुट्टा पशु बच्चों के करीब चले जाते हैं। बीएसए जगदीश शुक्ल कहना है कि चारदीवारी निर्माण के लिए रकम की मांग शासन से की जाएगी। इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।